12 अगस्त 2017

औरतों और बुजुर्गों के एटीएम के रूपये गायब करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

मधेपुरा जिला के चौसा में औरतों और बुजुर्गों के ए टी एम से रूपये निकालने वाला आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया.


आज भले ही हमारा देश डिजिटल इंडिया बनने की तरफ अग्रसारित है, अभी इसमें दिल्ली दूर लगती है. पहले तो बैंक में रूपये निकासी फॉर्म की मदद से निकाला जाता था, जो काफी हद तक सुरक्षित ही माना जाता था. पर अभी ए टी एम कार्ड के लिए सभी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है. लेकिन अभी बहुत ऐसी महिला या बुजुर्ग को ए टी एम से निकासी करनी नहीं आती है। वह या तो अपने घर से किसी जानकर को लेकर आते हैं या ए टी एम पर ही किसी से मद्दद मांग लेते हैं। वैसे तो हर ए टी एम पर एक गार्ड रखने का निर्देश है जिससे लोग मदद ले सके। लेकिन अभी भी बहुत ए टी ऍम ऐसे हैं जो गार्डरहित ए टी एम हैं । ऐसा ही मामला चौसा के एक ए टी एम का है। 

मालूम हो की इसी ए टी एम पर बीते शुक्रवार को गुड़िया खातुन अपने ए टी एम कार्ड लेकर निकासी करने आई और मदद के लिए एक भोले-भाले लड़के को कहा. उस लड़के ने पहले दो हजार रूपये निकाल कर दे दिया और पुन: दस हजार रुपया निकाल कर अपने पास रख लिया। महिला के खाते में मोबाइल रजिस्टर्ड था जिसपर खाते की निकासी का मैसेज पहुंचा तो पता चला कि खाते से बारह हजार रूपये निकासी हो गई। 

पीड़ित महिला रोती हुई इसकी जानकारी चौसा थाना अध्यक्ष को दी और महिला अपने घर को जा रही थी कि रास्ते में वह लड़का नजर आ गया। महिला देखते ही आग बबूला हो गई. हल्ला सुन लोग जमा हो गए लड़के से पूछताछ की तथा पुलिस को जानकारी दी गई । पुलिस ने जब उसकी तलाशी की तो उसके जेब से नौ हजार नौ सौ पचास रूपये और अन्य चार ए टी एम निकले । लड़के की उम्र 17 वर्ष बताई जाती है। सूत्रों का मानना है कि इस तरह के धंधे में अधिकांश इसी उम्र के लड़के होते हैं जिन्हें लोग भोला-भाला समझ लेते हैं और मदद मांग लेते हैं।

थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में भी करीब साठ हजार की निकासी हुई थी । उस व्यक्ति को जब पहचान ने को कहा तो उस ने भी स्वीकार किया कि यही लड़का था। पीड़िता के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है, तथा लड़के को कोर्ट के हवाले कर दिया गया है. मामला नाबालिग अपराधी से जुड़ा है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...