09 अगस्त 2017

सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किया 110 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मधेपुरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज में 110 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया.

मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज 9:00 बजे से महिलाओं एवं  गर्भवती महिलाओं भारी संख्या में उपस्थित देखी गई चिकित्सा प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि  प्रत्येक महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए 9 जून से ही यह कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पी.एम.एस.एम.ए)* केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल व रख-रखाव को लेकर शुरू किया  इसमें गर्भवती महिलाओं के नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और जच्चा-बच्चा का उपचार सरकार द्वारा फ्री किया जाएगा. बस इसके लिए हर महीने की 9 तारीख को देश भर के सरकारी अस्पतालों फ्री जांच की जा रही  है.

डाक्टर अलका कुमारी ने बताया कि गर्भावस्था में एक समय था जब महिलाओं को रक्तचाप, शुगर व विभिन्न प्रकार के संक्रमण से रोगों का खतरा बढ़ जाता था, लेकिन अब इस योजना में रक्तचाप, शर्करा के स्तर, वजन, हीमोग्लोबिन परीक्षण, रक्त परीक्षण और स्क्रीनिंग सहित कई परीक्षणों को किया जाता है । आज के इस कार्यक्रम में अब तक 110 गर्भवती महिलाओं की  जांच की गई है । गर्भवती महिलाएं, खासकर आर्थिक तौर पर कमजोर तबकों की महिलाएं आम तौर पर कुपोषित होती हैं उन्हें गर्भधारण के दौरान महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी नहीं मिलते । इसका नतीजा अक्सर यह होता है कि बच्चे किसी न किसी विकार के साथ पैदा होते हैं । साथ ही कुपोषण से पीड़ित होते हैं ।यदि गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर निगरानी की जाए तो नवजात शिशुओं में आने वाले कई विकारों को दूर किया जा सकता है । गरीबी और जागरुकता नहीं होने से, कमजोर तबकों की ज्यादातर महिलाएं समय पर चिकित्सकीय सलाह और देखरेख का लाभ नहीं उठाती । पीएमएसएमए से यह सुनिश्चित होगा कि सभी गर्भवती महिलाओं की हर महीने की नौ तारीख को मुफ्त चिकित्सकीय जांच होगी । वह देश के किसी भी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर यह जांच करवा सकती हैं नियमित फॉलो-अप लेने पर, यह कदम निश्चित तौर पर विकारों के साथ जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में कमी ला सकता है निस्संदेह, चिकित्सकीय जांच के बाद उचित स्वास्थ्य निगरानी होनी चाहिए। इसके अलावा, आहार और पोषक पूरक तत्वों की जरूरत के मुताबिक उपलब्धता भी सुनिश्चित होती है  ऐसे में पर्याप्त पोषण और जरूरतों की पूर्ति उनके लिए मुश्किल ही प्रतीत होती है । एक बड़ी वजह यह भी है कि कई महिलाएं घर के कामकाज में इतनी व्यस्त रहती है कि अपने स्वास्थ्य की देखभाल ही नहीं करती । 

आज के परीक्षण कार्यक्रम में डॉक्टर अलका कुमारी, एएनएम वंदना कुमारी, एएनएम अनिता कुमारी, एएनएम गीता कुमारी, एएनएम जूही कुमारी, एएनएम प्रियंका तथा जांच कर्मी राज कुमार और श्री राम प्रवेश यादव मौके पर मौजूद थे.

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