11 अगस्त 2017

2 दिनों से लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी ने अख्तियार किया विकराल रूप

नेपाल में हुई भारी बारिश के साथ-साथ क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से मधेपुरा जिले के आलमनगर में कोसी नदी ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है. जिससे प्रखंड के कई पंचायतों के कई गांव बाढ़ के चपेट में आ गये हैं.


वहीं सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के साथ-साथ कई गांव टापू में तब्दील हो गया है जिससे सड़क संपर्क भंग हो गया है. ऊंचे जगहों पर लोग शरण लेने को विवश हैं. वहीं हजारों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी है. कोसी बराज से लगातार अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से प्रखंड के रतवारा पंचायत के छतौना वासा, मुरौत कटाव से विस्थापित शिव मंदिर के पास पुनर्वासित 40 से 50 परिवारों सहित सैकड़ों परिवारों के घरों में पानी आ जाने से लोग अपने सामान के साथ ऊँचे जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं. वहीं रतवारा पंचायत का सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से भंग हो जाने के कारण नाव ही एक मात्र सहारा रह गया है. वहीं बाढ़ का पानी फैलने से प्रखंड के रतवारा, खापुर, गंगापुर इटहरी के कई गांव टापू में तब्दील हो गया है.

आलमनगर पूर्वी, आलमनगर दक्षिणी, बड़गांव, कुंजोड़ी एवं नरथुआ भागीपुर पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल जाने से हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी है. जिससे किसानों के होश उड़े हुए हैं. मुरौत विस्थापित परिवार के नरेश सिंह, बिजली सिंह, उमेश राम, जामुन ऋषिदेव, रूकमणी देवी, कला देवी सहित अन्य लोगों के घरों में पानी आ जाने से अपने-अपने सामानों को ऊंचे जगह पर ले जाकर शरण ले रहे हैं. वहीं बाढ़ से पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पशुपालक अपने पशुओं को दूसरे जगहों पर चारा की खोज में ले जा रहे हैं.

इस बाबत अंचलाधिकारी आलमनगर विकास कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ का पानी बढ़ने से फैल रहा है. प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं. क्षेत्र में फिलहाल 27 नावों का परिचालन किया गया है. साथ ही साथ एसडीआरएफ की टीम अपने नावों के साथ मुश्तैद हैं. क्षेत्र में बाढ़ पर प्रशासन पैनी नजर रख रही है. आवश्यकतानुसार आपदा विभाग के तहत आवश्यक उपाय किया जायेगा.
 (रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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