14 अगस्त 2017

आलमनगर के कई गाँव बाढ़ की चपेट में, प्रखंड मुख्यालय पर मंडराया खतरा

नेपाल में हुई भारी बारिश के साथ-साथ क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रहे बारिश से कोसी नदी ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है. जिससे मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड के कई पंचायतों के कई गांव बाढ़ के चपेट में आ गए हैं.


वहीं सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के साथ-साथ कई गांव टापू में तब्दील हो गया है. जगह-जगह पर सड़क संपर्क भी भंग हो गया है. उंचे जगहों पर लोग शरण लेने को विवश हैं. वहीं हजारों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गई है. कोसी बराज से लगातार अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से प्रखंड के रतवारा पंचायत के छतौना वासा, मुरौत कटाव से विस्थापित शिव मंदिर के पास पुनर्वासित 40 से 50 परिवारों सहित सैकड़ों परिवारों के घरों में  पानी आ जाने से लोग अपने सामान के साथ उंचे जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं.

वहीं रतवारा पंचायत का सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से भंग हो जाने से नाव ही आने-जाने का एक मात्र सहारा रह गया है. वहीं बाढ़ का पानी फैलने से प्रखंड के रतवारा, खापुर, गंगापुर इटहरी के कई गांव टापू में तब्दील हो गया है. आलमनगर पूर्वी, आलमनगर दक्षिणी, बड़गांव, कुंजोड़ी एवं नरथुआ भागीपुर पंचायतों में बाढ़ के पानी फ़ैल जाने से हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी है. जिससे किसानों के होश उड़े हुये हैं.

मुरौत विस्थापित परिवार के नरेश सिंह, बिजली सिंह, उमेश राम, जामुन ऋषिदेव, रूकमणी देवी, कला देवी सहित अन्य लोगों के घरों में पानी आ जाने से अपने-अपने सामानों को उंचे जगह पर ले जाकर शरण ले रहे हैं. वहीं बाढ़ से पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पशुपालक अपने पशुओं को दूसरे जगहों पर चारा की खोज में ले जा रहे हैं. इस बाबत अंचलाधिकारी आलमनगर विकास कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है जिसके कारण प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक उपाय किया गया है. क्षेत्र में फिलहाल 27 नावों का परिचालन किया गया है. साथ एसडीआरएफ की टीम अपने नावों के साथ मुश्तैद हैं. क्षेत्र में बाढ़ पर प्रशासन पैनी नजर रख रही है. आवश्यकतानुसार आपदा विभाग के द्वारा आवश्यक उपाय किया जायेगा.

दूसरी तरफ कोसी नदी का पानी लगातार नए इलाके में तेजी से फेलने से अब आलमनगर मुख्यालय पर भी संकट गहराने लगा है. प्रखंड के आठ पंचायतों में बाढ़ की विनाशलीला जरी है. प्रखंड के चार पंचायत के कई दर्जन गांव का सड़क संपर्क भंग हो गया है. सोनामुखी-खापुर रतवारा सड़क पर चार पांच फीट ऊपर से पानी बह रहा है. वहीं आलमनगर सोनामुखी सड़क के पोरा टोला में भी यही हाल है. वहीं बड़गांव इटहरी, गौछीडीह एवं बजराहा सड़क पर भी पानी की तेज धारा वह रही है. साथ ही रतवारा, गंगापुर, खापुर, इटहरी, बड़गांव पंचायत के लगभग सभी सड़कों पर पानी बहने से सभी गांव टापू में तब्दील हो गए हैं । लोग उंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं वहीं प्रखंड के रतवारा, खापुर, बड़गांव, इटहरी, कुंजौड़ी, आलमनगर पुर्वी,आलमनगर दक्षिणी एवं नरथुआ भागीपुर पंचायत को इस भयानक बाढ़ ने अपने चपेट में ले लिया है. वहीं इन पंचायतों के खेतों में लगी धान की फसल डूब जाने से किसान के समक्ष भारी संकट उत्पन्न हो गया है, खासकर पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पशुपालक चारा की खोज में अपने मवेशी को उदाकिशुनगंज के तरफ ले जाने को विवश हैं. हालांकि प्रशासन द्वारा कुछ पंचायतों में सूखा राहत सामग्री का बंटवारा किया जा रहा है परन्तु वो नाकाफी साबित हो रहा है.
 (रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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