05 जुलाई 2017

सुपर्द ए ख़ाक हुई हादसे की शिकार महिलायें तथा बच्चियां : डीएम भी मौके पर मौजूद

मुरलीगंज नगर पंचायत में एक बड़े विद्युत हादसे में मौत की शिकार तीन महिला एवं तीन बच्चियों को आज अत्यंत गमगीन माहौल में सुपुर्द ए ख़ाक कर दिया गया.


राज्यसभा सांसद शरद यादव ने मधेपुरा जिले के मुरलीगंज विद्युत सब स्टेशन के पास खेत में काम कर रहे छह व्यक्तियों के मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दुख जताया. उन्होंने कहा कि तत्काल मृतक के परिजनों को अनुग्रह अनुदान हेतु माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आपदा मंत्री एवं जिला पदाधिकारी से बात की. इस आशाय की जानकारी जिला महामंत्री रामचंद्र यादव ने माननीय संसद से बात करने के उपरांत दिए.

इसके अलावे मुरलीगंज के सामाजिक कार्यकर्ता और नगर के पार्षदों ने अपने अपने वक्तव्य में कहा कि इस हादसे में मोहम्मद नसीम जिनके चार बच्चे हैं, दो बेटी और दो बेटा. दोनों बेटी शाइस्ता खातून और रोजी खातून हादसे का शिकार हुई. अब सिर्फ दो बच्चे बच्चे हैं वसीम 10 वर्ष और जसीम 5 वर्ष मोहम्मद मुस्तकीम  की कुल पांच बेटियां हैं. जिसमें दूसरे नंबर पर मजीना खातून विद्युत स्पर्शाघात क्या हादसे चढ़ गई सबसे बड़ी बेटी हिना खातून अफसाना अबजाना और जोहरा खातून है.

हादसे के तीसरे शिकार मोहम्मद जमीन की पत्नी नजमुन खातून बनी जिसके पांच बच्चे हैं, तीन लड़की और दो लड़के हैं. लड़कों की उम्र 18 और 16 वर्ष है और लड़कियों की  उम्र 12 और 14 साल है.

इस हादसे में मोहम्मद गफ्फार की सबसे बड़ी बहू अनिशा खातून जी मूंग तोड़ने एवं घास काटने के उद्देश्य विद्युत सर्विस स्टेशन के पीछे पहुंची थी. अनीसा खातून को भी एक लड़का और तीन लड़की है जबकि पति कश्मीर में रहकर राजमिस्त्री का काम करते हैं. इस हादसे में अपने पीछे किन छोटे बच्चों को अनिशा खातून छोड़ गई.        

हादसे की अंतिम शिकार मोहम्मद इब्राहिम की बेटी शकीला खातून है जो शादीशुदा थी और बच्चे की मां भी बनने वाली थी. मोहम्मद इब्राहिम की सबसे बड़ी बेटी समीदा खातून शकीला खातून आसमा खातून और अफसाना खातून मैं यह दूसरे नंबर की थी.

इतने बड़े हादसे की आखिर वजह क्या थी?: तकनीकी विशेषज्ञ एवं मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड पार्षद एवं समाजसेवियों ने इस हादसे की बड़ी वजह निर्माण एजेंसी द्वारा तार बदलने के क्रम में घटिया तार लगाया गया है जिसमें सारे के सारे अल्मुनियम के तार हैं. जबकि होना यह चाहिए कि उन अल्मुनियमों के बीच स्टील का एक मोटा तार रहता है जो तार टूटने की स्थिति में कुछ वक्त अधिक लेता है.

मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 के पार्षद दिनेश मिश्र ने बताया कि विद्युत सब स्टेशन मुरलीगंज के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण में घटिया से घटिया विद्युत उपकरणों का प्रयोग किया गया है, वरना इतना बड़ा हादसा नहीं होता. तार जब टूटते हैं बिजली स्वत ट्रिप कर जाती है और किसी की जान नहीं जाती. घटिया सामग्री लगाए जाने के कारण इतने बड़े हादसे हुए और निर्माण एजेंसी पर भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए.

वहीँ हेल्पलाइन संस्था के सचिव विकास आनंद ने कहा कि पिछले दिनों में मुरलीगंज में हादसे में हुए हैं.  हर जिले में, हर शहर और गांव में विद्युतीकरण का काम चल रहा है. मुरलीगंज नगर पंचायत ही मात्र एकलौता ऐसा शहर है जहां पुराने जर्जर तारों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जाती है. विभागीय लापरवाही उदासीनता और कर्मचारियों की आलस का नतीजा है छ: मौतें.

वही मुरलीगंज के सामाजिक कार्यकर्ता श्याम आनंद ने बताया कि इस हादसे के पीछे विद्युत कर्मियों की अकर्मण्यता स्पष्ट रुप से दिखाई देती है. इसमें उच्चाधिकारी भी सम्मिलित हैं जो करोड़ों के टेंडर को बिना गुणवत्ता देखे ही पास कर दिया करते हैं. इस हादसे की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए.

सभी लाशों को आज सुपुर्द ए खाक कर दिया. माहौल अत्यंत गमगीन था. मौके पर मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल भी पहुंचे और मिट्टी डाली जबकि भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू, नगर पंचायत के अध्यक्ष श्वेत कमल बौआ, मधेपुरा के भाजपा जिला अध्यक्ष स्वदेश कुमार, जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह आदि भी सुपुर्द-ए-खाक के मौके पर मौजूद थे. 

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