24 जुलाई 2017

"उसका 'कॉन्फिडेंस लेवल' कम था इसलिए मैं बैठ गई": गिरफ्तार छात्रा गई जेल

टीईटी की परीक्षा में कल पकड़ाए दो युवक जहाँ आज जेल चले गए वहीँ पकड़ाई एक छात्रा को भी क़ानून के तहत जेल भेज दिया गया.

बिहार में दूसरे के बदले परीक्षा देने का खेल काफी पुराना है और छात्र परीक्षार्थी के बदले में ऐसा माना जाता रहा है कि बैठने वाला छात्र अधिक इंटेलिजेंट होता है और अक्सर रूपयों के लिए इस तरह का कृत्य किया जाता रहा है.  पर जहाँ सरकार तथा अन्य संगठन बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ जैसा आन्दोलन चला रहे हों, वहां एक बेटी के बदले दूसरी बेटी इस तरह गैरकानूनी काम कर जेल चली जाएँ तो ये सोचने वाली बात है.

कल मधेपुरा के पार्वती सायंस कॉलेज केंद्र पर दूसरी छात्रा के बदले परीक्षा दे रही छात्रा से जेल जाने से पहले मधेपुरा टाइम्स ने इस बारे में जानना चाहा तो उत्तर काफी चौंकाने वाले थे.  नेहा (काल्पनिक नाम) ने बताया कि वह अपनी सहेली के बदले इसलिए परीक्षा दे रही थी कि उसकी सहेली न सिर्फ पढ़ाई में कमजोर थी, बल्कि उसका कॉन्फिडेंस लेवल भी काफी कम था. बताया कि हम दोनों सहेली का चेहरा भी मिलता-जुलता था. उसने बताया कि हम दोनों उदाकिशुनगंज अनुमंडल से हैं और मधेपुरा में ही रहकर तैयारी करते थे.

हमारे ये कहने पर कि तुमने गैरकानूनी कार्य किया है और आज तुम्हारी सहेली तो जेल नहीं जा रही है, उसके लिए तुम जा रही हो, क्या तुम्हें अफ़सोस नहीं हो रहा है? उसने कहा कि अब तो गलती हो चुकी है.

देखा जाय तो छात्राओं के मामले में कॉन्फिडेंस लेवल और इंटेलिजेंस भले ही बहुत जरूरी चीजें हों, पर ये अधिकतर अपने विकास के लिए होनी चाहिए और ऐसे अपराध के लिए तो कॉन्फिडेंस लेवल की कहीं कोई जगह ही नहीं है.

जाहिर है, नेहा ने गलत तो किया ही है और उसे अब इस बात का अफ़सोस भी है. जो भी हो, हमने अंत में सांत्वना देते उससे कहा बेटा! अब तो एक-दो सप्ताह या उससे भी अधिक तुम्हें जेल में रहना पड़ेगा, पर जब निकलना तो इस तरह का कोई काम मत करना जिससे तुम्हारे और परिवार की जगहंसाई हो. सर झुकाते छात्रा ने बस इतना कहा, जी !.
(वि. सं.)

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