10 जून 2017

अतिक्रमण हटाने के लिए गई प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव

मधेपुरा जिले के अतिक्रमण हटाने के लिए गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को भागना पड़ा ।

पथराव से जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक, मजिस्ट्रेट और मीडियाकर्मी को भी हलकी चोट आई । घरवालों ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस के अतिक्रमण हटाने आये थे अधिकारी। 

 जानकारी के अनुसार रूपौली वार्ड नंबर 04 के राम चंद्र यादव ने अनुमंडलीय लोक निवारण शिकायत में उमेश यादव के फरिकेन ने पर सरकारी जमीन पर घर बनाने की शिकायत की थी । उसी आलोक में दलबल के साथ मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात वरूण कुमार रूपौली पहुंच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की । उमेश यादव और उसके परिवार द्रारा सरकारी जमीन को खाली कराने गये पुलिस और प्रशासन की टीम का विरोध किया । 

अतिक्रमण हटाने के लिए एक मजिस्ट्रेट बीसीओ वरूण कुमार के नेतृत्व में थानाध्यक्ष बीडी पंडित और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने गई । जेसीबी मशीन से अतिक्रमित दिवाल को गिराने के दौरान अचानक ही कछु महिला उग्र हो गई और लाठी, फटटा और दिवाल से गिराये गये ईंट से हमला बोल दिया, जिससे जेसीबी मशीन का शीशा टूट गया तथा वहां के मजिस्ट्रेट को भी हल्की चोटें आई । घटना के बाद ग्रामीणों के विरोध के कारण घटनास्थल पर से पुलिस बैरंग लौट गई । वहीँ घरवालों ने सीओ से भी बदसलूकी की । घरवालों का आरोप है कि बिना किसी सूचना प्रशासन हमारे घर को तोड़ने चली आई । वहीँ मजिस्ट्रेट के रूप में भेजे गये बीसीओ वरूण कुमार ने बताया कि एसडीओ कार्यालय से हमे अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश मिला था । हमलोग पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने गये तो घरवालों ने हमारी टीम पर हमला बोल दिया । हमले में  अधिकारियों को भी पुलिस से सहयोग नही मिलने के कारण  जान बचा कर भागना पड़ा ।

सीओ कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि अतिक्रमण वाद संख्या 10 / 16- 17 चलाया गया था । अंचल अमीन ने उमेश यादव के आग्रह को मानते हुए पुनः नापी कराया । नापी के बाद उमेश यादव ने 3 कट्टा 2 धुर अनावाद सर्व साधारण रास्ता की रूपौली वार्ड नंबर 04 आंगनवाड़ी से सटे उत्तर दिशा में चार फुस का घर, एक पक्का मकान,  11 कदम का पेड, 4 चिकस का पेड और 2 कटहल का पेड अतिक्रमित है । एक माह पूर्व के नापी के बाद उक्त रास्ते की जमीन पर घर नही बनाने का आदेश दिया था । लेकिन अमीन का कहना है कि उक्त आदेश को ठेंगा दिखाते हुए दिन रात एक कर चोरी छुपे पक्का मकान और एक मंदिर भी बना लिया । हालांकि छत ढालने की जानकारी मिलते ही सीओ ने थानाध्यक्ष बीडी पंडित को उसे रोकने के लिए पत्र लिखा । लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । 133 द.प्र.सं. में नोटिस के बाद  कार्रवाई की गई है ।  30 मई को भी अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश आया था । बाद में 10 जून को अनुमंडल से अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट घोषित किया गया । सीओ ने कहा दोषी को बख्शा नही जायेगा । उन लोगो पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति का नुकसान और मारपीट में शामिल लोगों को चिंहित कर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी।

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