27 जून 2017

मधेपुरा: चौसा में एक रूपया का सिक्का लेने से दुकानदारों का इनकार, मुसीबत

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड के आस पास के इलाके तथा मुख्य बाजार के दुकानदारों ने एक रुपया के छोटे सिक्के को लेने से इंकार कर दिया है।

यहां एक रूपया के छोटे सिक्के का चलन बंद होने की अफवाह इस कदर फैल गई है कि दुकानदार सिक्के को ले ही नहीं रहे है। इस संबंध में जब ग्राहक से बात करने पर वे  कहते हैं कि दुकानदार सिक्का नहीं लेता है । दुकानदार कहता है बैंक नहीं लेता है, तो हम सिक्का को किया करेंगे। वैसे जब मधेपुरा टाइम्स स्टेट बैंक के कर्मी से बात करना चाहा तो उसने अपना पलड़ा झाड़ लिया ।

ग्रामीण बैंक के मैनेजर चन्दन कुमार ने बताया कि यह अफवाह है और आर बी आई का इस तरह सिक्का नहीं लेना का कोई निर्देश नहीं है. सभी सिक्के वैध हैं। ऐसे अफवाह फ़ैलाने वालों पर क़ानूनी कार्यवाही होगी।

वहीं फुटपाथी दुकानदारों ने कहा कि “हम क्या करें ? हमारी भी मजबूरी है…! छोटा सिक्का  महाजन लेने से मना कर देता है तो मैं ग्राहकों से क्यों लूँ।”

गौरतलब है कि ऐसे में छोटे दुकानदारों को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक रूपया के छोटे सिक्के का चलन बंद होने की अफवाह से फुटकर दुकानदारी में गिरावट भी देखने को मिल रही है। साथ ही साथ प्रखंड के सुदूर देहात से आए हुए ग्राहकों को भी दुकानदारों से वाद-विवाद कर बिना सामान के या घाटा बर्दाश्त कर वापस लौटना पड़ता है।

बता दें कि यहां कुछ समय पहले भी दस रुपये के सिक्के को नकली बताकर दुकानदारों ने लेना बंद कर दिया था। तब आए दिन दुकानदार और ग्राहकों में किचकिच होती रहती थी। उस समय मीडिया की सक्रियता और प्रशासन द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद दस रुपये के सिक्के से जुड़ी सच्चाई से लोगों को आश्वस्त किया गया था। स्थानीय प्रशासन द्वारा ध्वनिविस्तारक यंत्र के माध्यम से प्रखंड के विभिन्न गांवों-टोलों में जा-जा कर दस रुपये के सिक्कों से जुड़ी अफवाह के संबंध में लोगों को जानकारी दी गई थी।

लेकिन अब पुनः एक बार फिर बाजारों में एक रुपया के छोटे सिक्के को खोटा बताया जा रहा है। जिसे दुकानदार लेने से मना कर रहे हैं । इससे फुटकर की समस्या खड़ी हो गई है । प्रखंड मुख्यालय ही नहीं प्रखंड अंतर्गत अन्य बाजारों के दुकानदार भी एक रुपये के छोटे सिक्का लेने से मना कर रहा है।

इस संबंध में चौसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा ने बताया कि अगर कोई दुकानदार आरबीआई द्वारा जारी किसी भी सिक्का को लेने में आनाकानी करता है तो वे उस दुकानदार के विरुद्ध आवेदन दें। तुरंत ही उक्त दुकानदार की जांचकर उस पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अब आगे चाहे जो भी हो लेकिन अभी लोग इस सिक्के से परेशान हैं।

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