01 जून 2017

खुलासा: इंटर में मार्क्स बढ़ाने के लिए मांगे जा रहे थे रूपये, नहीं देने पर किया फेल!

बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा 2017 के परिणाम आने के बाद चारों तफ़र कोहराम मचा हुआ है. लोग छात्र, अभिभावक, कॉपी जांचने वाले शिक्षकों की योग्यता आदि पर प्रश्न उठा रहे हैं.

 पर इस बीच मधेपुरा टाइम्स के पास जो सबूत उपलब्ध कराये गए हैं वो पूरी कहानी को एक नया मोड़ देता हुआ दीख पड़ता है.

रूबी रॉय और बच्चा रॉय का बिहार. जी हाँ, सूबे की सरकार लाख दावे कर ले पर सिस्टम को सुधारने में अभी काफी वक्त लग सकता है और सरकार की हर प्लानिंग को चूना लगाने में उनके सिस्टम के लोग ही आगे रहेंगे.

मधेपुरा टाइम्स को जो सबूत मिले हैं और किसी निष्पक्ष एजेंसी द्वारा यदि जांच में ये सही पाए जाते हैं तो फिर पूरे इंटरमीडिएट रिजल्ट की भी जांच करानी चाहिए.  सुपौल वार्ड नं. 26 की इंटरमीडिएट सायंस की छात्रा रितिका कुमारी (रौल कोड 62018 रौल नं. 17010126) को कुछ दिन उसके पिता अजय कुमार सिंह के मोबाइल नंबर पर एक फोन (मोबाइल नं. 8434158220) आता है जिसमें कहा जाता है कि रितिका दो विषयों फीजिक्स और केमिस्ट्री में फेल है. यदि आप 5500 रूपये उनके बैंक अकाउंट नंबर 20347286598 (खाताधारक राधा देवी) में अविलम्ब डाल देते हैं तो छात्रा के अंक बढ़ा कर उसे पास कर दिया जाएगा.

रितिका के पिता अजय कुमार सिंह मधेपुरा टाइम्स को बताते हैं कि उन्होंने इसे झूठा मानकर रूपये जमा नहीं किये, क्योंकि रीतिका ने हर विषय में अच्छा लिखा था. पर परीक्षा परिणाम आने पर उनके होश उड़ गए, क्योंकि फोन पर जिन विषयों में रीतिका को फेल बताया गया था, छात्रा उन्हीं विषयों में फेल थी. उधर जहाँ छात्रा गहरे सदमे में है वहीँ पीड़ित पिता ने शिक्षा मंत्री को पूरी बात लिखकर न्याय की गुहार लगाईं है.

हैरत की बात तो ये हैं कि जिस खाते में रूपये जमा करने कहा गया था उसमें एक ही दिन में 15 लाख रूपये जमा हुए हैं. पूरा मामला जांच का बनता है, क्योंकि फिलहाल परीक्षा परिणाम और ऐसी घटनाओं से बिहार सरकार कटघरे में खड़ी दिख रही है.

सुने कॉल रिकॉर्ड, क्या कहा गया था छात्रा के पिता को, यहाँ क्लिक करें.
(वि. सं.)

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