02 जून 2017

रमजान के पहले जुमे पर बड़ी तायदाद में अकीदतमंद पहुंचे नमाज अदा करने

बरकतों में  महीने रमजान के पहले जुमे पर मधेपुरा जिले के चौसा प्रखण्ड मुख्यालय  स्थित जामा मस्जिद में बड़ी तायदाद में अकीदतमंद नमाज अदा करने पहुंचे। इसमें पुरुष व बच्चों की संख्या अधिक देखी गई।

माहे रमजान के चार दिन बीतने के बाद भी नमाजियों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। इस मौके पर अकीदतमंदों ने हाथ फैला कर देश और प्रदेश में अमन चैन की दुआ मांगी। तेज धूप के बावजूद अकीदतमंद नमाज अदा करने के लिए बैठे रहे। इस दौरान अकीदतमंदों की लम्बी कतारें नजर आ रही थी। मुस्लिम समुदाय के लोग मंगलवार से ही रोजा रखकर एक तरफ जहां पांचों वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं वहीं तरावीह की विशेष नमाज में भी लोग अल्लाह से विशेष दुआएं मांग रहे हैं। हालांकि इन दिनों भीषण गर्मी से रोजेदारों को कुछ परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन उनके हिम्मत व जज्बे के आगे कुछ भी नहीं है। बाजारों में इफ्तार व सेहरी के सामानों की खरीदारी शुरू हो गई है। इस माहे रमजान की फजीलत यह है कि रोजेदार अल्ला से अपने गुनाह को माफ करने की दुआ मांगता है जिसे अल्लाह माफ कर देता है। यह रमजान का महीना सबसे मुकद्दश का महीना माना जाता है।

इमाम अबुल कलाम ने कहा कि रमजान में पहले जुमे को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। पहले जुमे के दिन अल्लाह की बारगाह में मगफिरत मांगने का दिन है। जुमा के दिन हर एक नेकी का शबाब 70 गुणा बढ़ जाता है।इस कारण अधिक-से-अधिक नेकी का काम करना चाहिए । इसके अलावा अधिक-से-अधिक समय इबादत में गुजारना चाहिए ।

हर जुमे की तरह इसका महत्व  है : इमाम कलाम ने कहा कि हर जुमे की तरह रमजान माह के जुमे की नमाज का महत्व है । इस दिन लोगों को कोई भी नेकी के काम करने का प्रण लेना चाहिए और वह काम पूरी जिंदगी जारी रहनी चाहिए।

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