11 जून 2017

प्रशासन के आदेश को दिखाया ठेंगा, मामला मधेपुरा के वार्ड नं. 20 में अतिक्रमण का

ऐसा लगता है कि अतिक्रमण कई व्यक्तियों की सोच में ही है और यदि आप नगर परिषद् क्षेत्र के कई इलाकों में घूम कर देखें तो यह निष्कर्ष निकलने में देर नहीं लगेगी कि अतिक्रमण ने पूरे मधेपुरा की ही सूरत बिगाड़ रखी है.

अतिक्रमण से जुड़ा एक ऐसा ही मामला मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र के वार्ड नं. 20 का है. मिली जानकारी के अनुसार गुलजारबाग मुहल्ला के पूर्व रेड क्रॉस भवन के सटे रास्ते को इंद्रा देवी के द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है. पड़ोसियों ने नगर परिषद् में इस बात की शिकायत की कि सड़क की जमीन पर पोर्टिको आदि बना दिया गया है जिससे उस सड़क के अन्य निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

इस बाबत नगर परिषद् से नोटिस संख्यां 966 दिनांक 20.08.2016 इंद्रा देवी को निर्गत कर निर्देश दिया गया कि सात दिनों के अन्दर अतिक्रमित अपना मकान हटा लें अन्यथा प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा और उसे हटाने में लगा खर्च आपके द्वारा वसूल की जायेगी तथा ऐसी स्थिति में नुकसान की जवाबदेही भी आपकी होगी. बताते हैं कि नगर परिषद् ने उस अवैध घर पर लाल रंग से चिन्ह भी लगा दिया था, जो अतिक्रमण के दायरे में आता है.

पर नगर परिषद् के आदेश को अतिक्रमणकारी ने कोई तवज्जो नहीं दी और मकान यूं ही लोगों को परेशानी में डाल रहा है. पीड़ित लोगों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी उस समय होती है जब घर में कोई बीमार पड़ता है और उसे अस्पताल ले जाने की नौबत आती है. डर है कि किसी के दबंगई और अतिक्रमण की जिद में किसी बीमार की जान न चली जाय.

हैरत तो इस बात की भी है कि अगस्त 2016 में ही नगर परिषद् ने अतिक्रमणकारी को महज 7 दिन का समय दिया था, पर उस चेतावनी को भी बीते नौ महीने से अधिक हो चले हैं, पर लगता है कि अतिक्रमणकारी के साथ नगर परिषद् भी खानापूर्ति कर चैन की नींद सो रहा है. ऐसे में लोगों का भरोसा अधिकारियों पर से भी उठता दिख रहा है.
(वि.सं.)

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