29 जून 2017

प्रखंड कार्यालय के गेट में ताला मार कर अधिकारी-कर्मचारी को बनाया बंधक

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड परिसर में अचानक हजारों की संख्यां में लौआलागन पूर्वी पंचायत बिंद टोली तथा तथा पौरा टोला के महिला तथा पुरुषों ने प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला मार कर अधिकारी समेत कर्मचारी को बंधक बना लिया।

इस दौरान वे नारेबाजी करने लगे। वे बिंद टोली से खलीफा टोला फोरलेन तक ग्राम सड़क को जोड़ने की मांग कर रहे थे। मालूम हो कि आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज कुछ गांव ऐसे हैं जिसे एक अच्छी सड़क तक मयस्सर नहीं हुई है. उस में से बिंदटोली और पौरा टोला शामिल हैं।

ग्रामीण शंभू कुमार, रुपेश कुमार, किशोर कुमार महतो, सुबोध कुमार महतो, श्रवण महतो, मुन्ना कुमार जायसवाल, संतोष कुमार संतोष, अखिलेश कुमार महतो, टुनटुन कुमार शर्मा, दिनेश पोद्दार, विकास कुमार, जनार्दन महतो, झाझा देवी, हीना देवी , पूजा देवी, भूखनी देवी, रेणु कुमारी, प्रीति देवी, आशा देवी, उषा देवी, गीता देवी, सीता देवी, सविता देवी, प्रमिला देवी, बबिता देवी समेत ग्रामीणों का कहना था कि आजादी के 70 वर्ष के बाद भी हमारा गांव जो कि एक टापू पर स्थित है, जब कभी बाढ़ का समय आता है तो बाढ़ के पानी से हमारा गांव घिर जाता है. जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है. वैसे तो  सूखा के समय में भी अगर मुझे प्रखंड कार्यालय जिला मुख्यालय जाना होता है तो बहुत ही कठिनाइयों के साथ जाना पड़ता है.  इसका मुख्य कारण सड़क है. कई बार तो हमारे यहां  लोग रिश्ता करने से भी इनकार कर देते हैं।

लौआलागन के पूर्व मुखिया नीरज सिंह ने कहा कि हाल ही में हमारे गांव की एक बेटी की शादी थी. उसी दिन रात में बारिश हुई जिससे रास्ता खराब हो गया. लड़का पक्ष ने कहा कि गाड़ी जहां तक रहेगी मंडप वहीं पर गड़ेगा. बाद में किसी तरह प्रतिनिधियों तथा बुद्धिजीवियों के सहयोग से शादी हो पाई। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि अगर किसी महिला को प्रसव पीड़ा हो जाए तो उसको स्वास्थ्य केंद्र ले जाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि मुख्यालय जाने का कोई उचित रास्ता ही नहीं है. इस तरह हम लोग सड़क के बिना किसी काम के नहीं हैं ।

उधर ताला मारने की सूचना पाते ही थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह अनशनकारियों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा व अंचलाधिकारी अजय कुमार ने लोगों को कहा कि हम आपके साथ हैं और हम भी सड़क बनाने को लेकर प्रयासरत हैं। सड़क नहीं बनने का मुख्य कारण यह है कि जिस जमीन का अधिग्रहण करना है उससे सहमति लेना अनिवार्य है और हम उससे बात कर रहे हैं. किसी तरह समझा बुझाकर प्रदर्शनकारियों को वापिस भेजा गया और कुछ देर बाद अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन पहुँच कर लोगों से बात की और इस तरह सरकारी कार्य को बाधित करने से मना किया. उन्होंने कहा कि सड़क के लिए ज़मीन मालिक से बात की जार ही है, जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।

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