19 जून 2017

शादी का विषाक्त भोज खाने से 275 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार: सदर अस्पताल में भर्ती

रविवार की रात मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के औराही एकपरहा पंचायत के टोका जीवछपुर गांव के कौशल शर्मा के दोनों बेटियों की शादी में भोज खाने वाले बारात और ग्रामीणों की बुरी गत हुई।

भोज खाने वाले 275 लोग फूड
पॉइजनिंग का शिकार होकर सदर हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराए गए जबकि अन्य सैकड़ों लोगो ने कै-दस्त का शिकार बनकर अन्यत्र इलाज कराया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कौशल शर्मा की दोनों बेटियों की एक साथ शादी थी जिसमें दो गांवो से लगभग डेढ़ सौ बारात आई थी। ग्रामीणों के अतिरिक्त बारातियों ने भी पूरी सब्जी, बुनिया मिठाई और दही का लुत्फ उठाया। पहले तो भोज खानेवाले ग्रामीण बच्चों को कै-दस्त होने लगा और इस खबर पर तेजी से शादी को संपन्न कराया गया। लेकिन शीघ्र ही फिर बारात में शामिल अन्य लोगों और ग्रामीणों की भी हालत खराब होने लगी। यहां तक कि नव विवाहितों की भी स्थिति बुरी होने लगी। पीड़ितो में इलाज कराने की अफरा तफरी मच गई। लेकिन गम्हरिया पी एच सी में न तो चिकित्सक थे और न किसी ने दवाई ही दी तो सवा तीन बजे रात में जिलाधिकारी को खबर दी गई। उन्होंने फौरन स्वास्थ्य महकमे को उक्त गांव भेजा जहां से एम्बुलेंस में लाद लाद कर 275 पीड़ितो को यहां सदर अस्पताल लाया गया। लगातार इलाज कर सभी पीड़ितो को बचा लिया गया।

जिलाधिकारी ने फौरन लिया एक्शन: इस दौरान गम्हरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पोल खुल गई। जिलाधिकारी सहित सी एस और उपाधीक्षक ने भी बार बार प्रभारी और प्रबंधक को मोबाइल किया लेकिन किसी ने अपने नींद में खलल नहीं डाली। लेकिन इसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा।

जिलाधिकारी मो सोहैल ने सुबह साढ़े चार बजे ही गम्हरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। वहां उन्होंने पाया कि पूरा हॉस्पिटल खाली पड़ा था। प्रभारी महोदय सिंहेश्वर में रहते है और प्रबंधक भी गायब थे। इतनी बड़ी घटना में यह बेरुखी अमानवीय थी। एक मरीज ने जिलाधिकारी को बताया कि यहां ए एन एम डाली कुमारी ने पीड़ितो को बताया कि यहां कुछ भी सुविधा उपलब्ध नहीं है।

जिलाधिकारी ने इस बावत सिविल सर्जन को निर्देशित किया है कि प्रभारी डॉ सुरेश चौधरी को आलमनगर कम्यूनिटी सेंटर में प्रतिनियुक्ति कर गम्हरिया में किसी अन्य एलोपैथिक चिकित्सक को प्रभारी प्रतिनियुक्ति किया जाय। इसी के साथ प्रबंधक को जिला स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्ति कर उनसे कारण बताओ नोटिस दिया जाय क्यों नहीं उनकी सेवा समाप्त कर दी जाय और तत्काल संजीव कुमार को गम्हरिया का प्रबंधक प्रतिनियुक्त किया जाय। इसी के साथ ए एन एम डाली को स्थानांतरित कर उदाकिशुनगंज अनुमंडल में कहीं पदस्थापित करते हुए गम्हरिया में दो  ए एन एम  प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने यह खाद्य निरीक्षक को यह निर्देशित किया गया है कि भोज्य पदार्थ और कई दस्त का सैंपल लेकर इसकी जांच कराई जाए। भोज के आयोजक के विरुद्ध भी सम्यक कारवाई का निर्देश थानाध्यक्ष को दिया गया है।

आखिर  क्यों हुआ यह हादसा?: इस मामले को लेकर अनेक चर्चाएं चल रही है कि आखिर क्यों खाना हुआ विषाक्त? कोई तेल को तो कोई वनस्पति की गड़बड़ी को कारण बता रहा है। लेकिन अनेक अनुभवी लोगों को यही कहना है कि यह सब गिरगिट की कारस्तानी है। इन दिनों बरसात में गिरगिट की चहलकदमी काफी बढ़ गई है। संभव है कि कोई गिरगिट कहीं से भोज्य सामग्री में गिर गई हो और भोज्य सामग्री विषाक्त हो गई हो। चूंकि भोज्य सामग्री अधिक थी इसीलिए इसका असर कम हो गया और किसी की जान नहीं गई। बहरहाल अब तो जांच में ही सारी बात सामने आएगी।

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