14 मई 2017

मधेपुरा: मोटरसायकिल और देशी शराब के साथ होम डिलीवरी करते कारोबारी गिरफ्तार

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड के थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर एक होम डिलीवरी करने वाले शराब विक्रेता को गिरफ्तार किया गया.

    आप ने पहले लोगों से सुना होगा गैस सिलेंडर होम डिलीवरी, खाने का सामान होम डिलीवरी होता था । आज शराब भी होम डिलीवरी की बात सामने आई है। मालूम हो की जिले में डीएम मोहम्मद सोहेल और एसपी विकास कुमार ने शराब को लेकर हाई लेवल बैठक हुई थी जिसके बाद पुलिस प्रशासन शख्त हुई ।

चौसा थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि चौसा में शराब कारोबारी नए तरीके से होम डिलीवरी क्या करते हैं. फिर रणनीति तैयार कर आज मनोज कुमार सिंह को छह पाउच देसी शराब और एक मोटरसायकिल साथ गिरफ्तार कर लिया गया है तथा चौसा थाना कांड संख्या 125/17 धारा उत्पाद 30 ए तहत जेल भेज दिया गया। शराब बंदी के बाद से अभी तक में चौसा थाना के द्वारा ढाई दर्जन अभियुक्त को जेल भेज जा चुका है। उदाहरण के तौर पर पंकज शर्मा ,मनीष ऋषिदेव, दिलखुश कुमार, प्रीतम सादा, अरुण सिंह, दिलेर सिंह, अखिलेश यादव, लाल्टू यादव, सुशील मंडल, फुलचंद मंडल ,संतोष यादव ,संतलाल सिंह, संजय सिंह, परमानंद यादव, अर्जुन पासवान, रामू कुमार, विकास कुमार, जय प्रकाश पासवान, रुपेश सिंह, राहुल गुप्ता, घूटर सिंह, बीरबल सादा, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, शालदेव ऋषिदेव, दुलारचंद सादा, वीरेंद्र सिंह खगेश कुमार, सदानंद सिंह, मनोज यादव,जेल भेजा जा चुका है।

लेकिन दुर्भाग्य देखिए, इनमें से आधे से अधिक बेल लेकर वापिस आ गए हैं। एक तरफ जहां बिहार सरकार के द्वारा बिहार में शराबबंदी कानून लागू किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन शराबियों को तथा शराब के कारोबारी को रंगे हाथ पकड़ कर जेल भेजती है लेकिन कानून उसे बेल देकर छोड़ देता है। वह वहां से छूटकर फिर से नए तरीके से उसी धंधे में लग जाते हैं । सवाल उठता है कि क्या  इस तरह से बिहार पर पूर्ण रुप से शराब बंद हो पाना संभव है?

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