20 मई 2017

वार्ड नं.16: नए 'महिला' चेयरमैन के दौड़ के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह सीट

मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र का का वार्ड नं. 16 इस बार नगर परिषद् के सभी छब्बीस सीटों में सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जा सकती है.

वजह साफ़ है कि यहाँ से निवर्तमान नगर परिषद् चेयरमैन डॉ. विशाल कुमार बबलू जहाँ दस वर्षों से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं वहीँ इस बार यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया तो यहाँ से इस बार डॉ. विशाल कुमार बबलू की धर्मपत्नी सुधा कुमारी ने अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की है. वार्ड नं. 16 इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जीत की स्थिति में सुधा कुमारी के चेयरमैन पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने की पूरी सम्भावना है क्योंकि इस बार चेयरमैन का पद महिलाओं के लिए आरक्षित है.

वार्ड नं. 16 का यदि विश्लेषण करें तो शहरी इलाके में बसे इस वार्ड में इस बार कुल 1284 मतदाता हैं. वर्ष 2012 के पिछले चुनाव में यहाँ से इस बार वार्ड नं. 9 में प्रत्याशी के रूप में खड़े निवर्तमान मुख्य पार्षद ने 287 वोट लाकर 60 मतों से राज कुमार को पराजित किया था. इस बार वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुआ तो मैदान में डॉ. विशाल कुमार बबलू की धर्मपत्नी सुधा कुमारी, राजकुमार की पत्नी मंजू देवी के अलावे एक अन्य प्रत्याशी पूजा कामती की पत्नी रूबी देवी किस्मत आजमा रहे हैं.

वार्ड का पिछले दस वर्षों से प्रतिनिधित्व कर रहे वार्ड पार्षद डॉ. विशाल कुमार बबलू अपनी दस वर्षों की उपलब्धि बताते कहते हैं कि आवास योजना समेत सरकार से मिली सारी योजनाओं को उन्होंने सही ढंग से वार्ड में लागू करवाया है और योजनाओं का लाभ पूरे वार्ड को निष्पक्ष रूप से दिलवाया है. कहते हैं कई अन्य काम जिन्हें आगे बढ़ाया गया है यदि उनकी पत्नी यहाँ से पार्षद बनती है तो वे मिलकर पूरा करेंगे.

जबकि प्रतिद्वंदी मंजू देवी के पति राजकुमार का आरोप है कि पिछले वार्ड पार्षद के द्वारा यहाँ सही तरीके से काम नहीं कराया गया है. चारों तरफ गंदगी भरा रहता है और नालों तथा सड़क की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है. आवास योजना के बारे में कहते हैं कि यह सही लोगों को नहीं मिला है. जिनके पास झोंपड़ी है उन्हें नहीं दिया गया और जो इसके लायक नहीं हैं, उन्हें यह बाँट दिया गया है. यदि उन्हें मौका मिलता है तो वार्ड को बेहतर बनाने का काम करेंगे.

पर दावों और उपलब्धियों के विपरीत यहाँ अधिकांश मतदाता चुप्पी साधे हुए हैं. अब देखना है कि कल चुनाव में वोटरों का क्या निर्णय होता है और उनके मन में आखिर क्या है? पर इतना तो तय है कि यहाँ दो के बीच ही सीधा मुकाबला प्रतीत होता है.

सुनिए क्या कहते हैं निवर्तमान वार्ड पार्षद और विरोधी, यहाँ क्लिक करें.

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