13 मई 2017

'संसार में अगर कुछ सत्य है तो शिव है': दो दिवसीय शिव गुरु परिचर्चा

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड अंतर्गत जनता उच्च विद्यालय के मैदान में आज से दो दिवसीय शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन का शरुआत की गई है ।
यह 13- 14 मई 2017 तक शिव मेरे गुरु एक आध्यात्मिक परिचर्चा का कार्यक्रम विधिवत चलता रहेगा। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु  भक्त, शिवशिष्य पधारे है।
     वही शिव गुरु परिचर्चा स्तुति, विनती, जागरण-भजन के साथ प्रारंभ हुई तथा शिव शिष्य परिवार के  बड़े भाई किंकर साहब सहरसा ने अपने प्रवचन- प्रबोधन में सत्यम शिवम सुंदरम की व्याख्या करते हुए कहा कि संसार में अगर कुछ सत्य है। तो शिव है ।तथा मनुष्य शिव शिवत्व को प्राप्त कर जीवन में गलतियां नहीं करता ।जो गलतियां दोहराता है ।वह शिव 'शिष्य होने का अधिकार खो सकता है ।केवल जाप कर लेने से अपने आपको साबित करना यह अटपटा सा लगता है ।इसके लिए जनमानस में भाईचारा ,सद्भावना, नैतिकता ,व्यवहार आदि को अपने जीवन में धारण कर आगे को बढ़ सकता है। तथा शिष्य  होने का गौरव प्राप्त कर सकता है। वही रमन जी सहरसा, चंद्रशेखर शर्मा मुंगेर से ,चंदन जी पंचगछिया से अपने भजन व प्रवचन के माध्यम से शिव शिष्य भाइयों को शिव गुरु की महत्ता का व्याख्या करते हुए कहा कि मां पार्वती वाणी की देवी है। और वाणी शिव तत्व के कारण ही मुख से बाहर निकलता है ।इतना ही नहीं वेद -पुराण, रामचरितमानस जैसे महाकाव्य में महाकाल शिव को नमन वंदन करते हुए गुरु रूप में स्वीकारा है । "गुरुर ब्रम्हा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा गुरुर साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः" अर्थात गुरु ब्रह्मा के समान गुरु विष्णु के समान तथा गुरु महेश्वर शिव के समान होना चाहिए हम उन्हें नमन करते हैं। प्रणाम करते हैं । शिव से जुड़ने के लिए केवल भावना की जरूरत है। और भावना के साथ त्रिविधा सूत्र को अपनाकर अपने जीवन को एक आध्यात्मिक सूत्र में बांधकर इस भवसागर से पार होने का महामंत्र है।इसका आयोजक आयोजक मंडल के संयोजक मनोज राणा एवम् सचिन कुमार एवं समस्त शिव परिवार ने किया.

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