08 मई 2017

क्या सांसद शरद यादव बनेंगे विपक्ष के साझा राष्ट्रपति उम्मीदवार ?

इन दिनों देश में राष्ट्रपति पद के लिए श्रेष्ठ व्यक्ति की खोज हो रही है। अलग अलग दलों ने अलग अलग नाम उछाले हैं। लेकिन विपक्ष की कमान अभी कांग्रेस की सर्वमान्य नेता सोनिया गांधी के हाथ में है।
वहीँ जद यू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शरद यादव का नाम राष्ट्रपति पद के लिए गंभीरता से  लिया जा रहा है। इसके लिए श्रीमती गांधी ने शरद यादव से विचार विमर्श भी किया है।

राष्ट्रपति पद जुलाई में श्री प्रणव मुखर्जी की सेवा निवृति के बाद रिक्त होनी है। इसके लिए अभी से तैयारी होना स्वाभाविक है। भाजपा ने अभी तक अपने किसी प्रत्याशी का नाम नहीं उछाल कर शायद किसी सर्वमान्य प्रत्याशी को ही इस पद के लिए उपयुक्त मान रही है। लेकिन इसके लिए कोई पहल शुरू नहीं की गई है।

जानकार सूत्रों के अनुसार भाजपा ने पूर्व में भी सर्वमान्य प्रत्याशी के रूप में श्री अटल बिहारी बाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में अबुल कलाम साहब जैसे सर्वमान्य व्यक्ति को राष्ट्रपति बनवाया था।

 बताया जाता है कि शरद यादव जैसे वरीय और स्वच्छ छवि के व्यक्ति को पूर्व में भी उप राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा के एक वरीय नेता ने प्रस्ताव दिया था । लेकिन  तब शरद यादव सक्रिय राजनीति में रहने के लिए इसे स्वीकार नहीं कर सके थे। लेकिन अब राजनीति की दिशा बदल चुकी है और अगर उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए साझा  या फिर विपक्ष का उम्मीदवार बनाया जाता है तो वे इनकार नहीं कर सकेंगे।

     मीडिया में इस खबर के आने के बाद यहां लोगों में बड़ी प्रसन्नता है कि उनके बीच रहने वाले शरद जी देश के सर्वोच्च पद के लायक माने जा रहे हैं। इसे वे मधेपुरा का गौरव भी मान रहे हैं। ज्ञातव्य है कि श्री शरद यादव की राजनीतिक कर्म भूमि मधेपुरा ही है और यहां से बार बार सांसद रह कर उन्होंने कोशी क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को कार्यान्वित करवाया है। विशेषताओं की बात करें तो वर्ष 2012 में देश के सर्वश्रेष्ठ सांसद रहे शरद यादव विपक्षी एकता के लिए सदा प्रयत्नशील
रहे हैं और इनकी छवि समाजवादी सोच के सर्वमान्य नेता की है । लिहाजा उन्हें आमलोगों से भी सदा सम्मान मिलता रहा है।
   बहरहाल राजनीति चल रही है और आगे उंट किस करवट बैठेगा, यह तो समय ही तय करेगा।

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