29 मई 2017

‘आज गर्व के साथ कहते हैं कि हम बिहारी हैं’: मधेपुरा टाइम्स स्टूडियो में निखिल मंडल

भारतीय जनता पार्टी केंद्र में अपने शासन के तीन साल पूरे होने पर जश्न भले ही मना रही हो, पर जनता दल यूनाईटेड का मानना है कि भाजपा यह जश्न झूठे रूप से मना रही है.

'युवाओं को रोजगार देने, किसानों की स्थिति सुधारने समेत मैनिफेस्टो के अन्य कई मुद्दों, जिनपर लोगों ने भाजपा को वोट किया था, पर तीन साल में भाजपा के द्वारा लोगों को छला गया है.'

मधेपुरा टाइम्स स्टूडियो में एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बिहार जदयू के प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल ने आंकड़ों को रखते हुए कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में काफी फर्क है. उन्होंने कहा कि एनडीए और बीजेपी ने चुनाव के वक्त मैनिफेस्टो में जो बात कही थी उसमें प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात थी, किसान की बात थी, पाकिस्तान की बात थी और इसके अलावे भी कई बातें थी. जहाँ तक प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात थी तो ये ऐसा वादा था जिसे देखते हुए पूरे देश के युवाओं ने इन्हें जोरशोर से और काफी उत्तेजित होकर वोट किया था. बीजेपी को हर वर्ग से वोट मिला था और वो जीत हर क्लास और कास्ट के वोट से थी. निखिल मंडल ने कहा कि यदि आज आप युवाओं से बात करेंगे तो बीजेपी से उनकी नाराजगी झलकेगी. जहाँ एक साल में दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात थी तो इस हिसाब से तीन साल पूरे होने पर छ: करोड़ युवाओं को रोजगार मिल जाना चाहिए था. पर यदि आंकड़ों की बात करें तो केंद्र द्वारा एक साल में सिर्फ 15887 युवाओं को रोजगार दिया गया है, ये बड़ा फर्क है. दूसरी बात देश में आईआईटी से पास किये युवाओं में से भी 34% को नौकरी नहीं मिल रही है, जो अपने आप में बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि मधेपुरा जैसे छोटे से जिले से जब कोई एक आईआईटी पास करता है तो आप उनकी खबर छापते हैं, हम सब उन्हें सम्मानित करते हैं, पर जब उसी आईआईटीयन को नौकरी नहीं मिलेगी तो कल्पना कीजिए कैसा लगेगा? पार्लियामेंट में उनके ही एक मंत्री के द्वारा कहा गया कि वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2016 में 89% जॉब की कटौती की गई है. ये एक बड़ा छलावा है.

भारत एक कृषि प्रधान देश है और बिहार राज्य तो 75% कृषि पर आधारित रोजगार पर ही निर्भर है. किसानों को जो लोन और सब्सिडी की बात कही गई वो जस की तस है. देश में 51 किसान आज भी रोज आत्महत्या कर रहे हैं. पिछले वर्षों में इसमें इजाफा ही हुआ है. बढती महंगाई और घटती आय के बीच लोन आदि बोझ के तले दबकर किसान के पास आत्महत्या के अलावे कोई चारा नहीं बचता है, ये काफी दुखद स्थिति है. जब तक किसान समृद्ध नहीं होंगे तबतक हमारा देश समृद्ध नहीं हो सकता. एक दूसरी समस्या जीएम सीड्स को लेकर है जो टेस्टेड है कि महंगा है. हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने भी उसका विरोध किया है. उस महंगे सीड्स को विदेश से खरीद कर लाया जाएगा. उस बीज को यदि हम एक बार खेत में प्रयोग कर लें तो उस खेत में फिर हम अपना बीज इस्तेमाल नहीं कर सकते. ये थोपने वाली बात है. यहाँ तक कि उनके कृषि मंत्री भी बिहार से हैं पर बिहार के लिए कृषि के क्षेत्र में कुछ नहीं मिला है.

मेक इन इंडिया पर सवाल उठाते निखिल मंडल ने कहा कि अख़बारों में, न्यूज में एक परसेप्शन बनाया जा रहा है. ये यदि हो जाय तो बहुत ही अच्छी बात हो, पर गुजरात में पटेल की जो देश की सबसे विशाल मूर्ति स्थापित की जा रही है वो चाइना से मंगाई जा रही है. ये कथनी और करनी में बड़ा फर्क है. गाँव को गोद लेने वाले मुद्दे पर भी भाजपा की सरकार फेल रही है. यहाँ तक कि प्रधानमंत्री द्वारा बनारस के पास गोद लिए जयापुर गाँव में अभी तक 50% भी काम नहीं हुए हैं. आंकड़ों के साथ जब बात करेंगे तो देश बदल रहा है की बात धरातल पर नहीं दिख रही है. इसके अलावे काला धन सौ दिन के अन्दर लाने की बात समेत अन्य कई मुद्दे गौण हैं. मुझे नहीं लगता कि तीन साल पूरे होने पर जश्न मनाने जैसी कोई बात है.

मधेपुरा टाइम्स के इस सवाल पर कि बिहार में 12 वर्षों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार है, 12 वर्ष पहले और आज के बिहार में क्या फर्क नजर आ रहा है, पर जदयू प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल कहते हैं कि फर्क स्पष्ट
है, कोई तुलना नहीं है.  पहले जहाँ हम पटना से 12-13 घंटे में मधेपुरा पहुँचते थे, आज सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि हम पांच-छ: घंटे में पटना से मधेपुरा पहुँच जाते हैं. क्राइम रेट में भी कुल मिलकर कमी आई है. पहले पांच-छ: बजे के बाद घर नहीं पहुँचते थे तो घर वालों को चिंता होने लगती थी. पर आज परिवार के साथ लेट नाईट मूवी देखकर लोग सुरक्षित घर वापस आते हैं. पहले लोग पैसा कमाते थे पर उसे सामने नहीं लाना चाहते थे कि कहीं कोई बात न हो जाए. पर आज लोग अच्छी जिन्दगी बिना किसी डर के जी रहे हैं. जहाँ तक बिजली में प्रगति की बात है तो इससे पहले जहाँ हम लालटेन का प्रयोग कर रहे थे वहीँ आज पीएमओ ने भी बिहार में बिजली की प्रगति को सराहा है. और इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि अभी आप यहाँ मधेपुरा में एयरकंडीशन चला रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में उन्होंने कहा कि वे चौबीस घंटे सिर्फ बिहार के विकास की बात सोचते है. कैप्टन के रूप में वे हमेशा सोचते हैं कि बिहार को कैसे विकसित बिहार बनाया जाय. कई समस्याएं भी आती हैं, बाढ़ आदि उन समस्याओं में एक है, पर यदि 2005 से अभी के बिहार की तुलना करें एक नया बिहार सबों के सामने हैं, पर अभी भी हमें बहुत कुछ करना है. और जहाँ पहले बाहर बिहारी कहलाना बेइज्जती की बात होती थी आज बिहारी सम्मान के साथ कहते हैं कि हम बिहारी हैं.

(जरूर देखें पूरे इंटरव्यू का वीडियो, यहाँ क्लिक करें.)

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