11 मई 2017

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थियों की फिर से होगी जांच: गड़बड़ी की आशंका

मधेपुरा जिले में गत वित्तीय वर्ष में किसी एक लाभार्थी को भी इंदिरा आवास नहीं मिल सका था। इस बार जब इसका नाम बदल कर प्रधानमंत्री आवास योजना हो चुका है तो जारी सूची में गड़बड़ी की आशंका प्रबल मानी जा रही है।

जिलाधिकारी मु. सोहैल ने गड़बड़ी की आशंका के कारण ही लाभार्थियों की सूची की स्थल पर जांच कराने का निर्देश गत सोमवार की बैठक में दिया है।

15702  हैं  लाभार्थी: जिले में सामाजिक,आर्थिक और जातीय जनगणना की सूची में प्राप्त अंकों के आधार पर इस योजना के लाभार्थियों की सूची बनाने का प्रावधान है। इस आधार पर जिले में 15702 लाभार्थियों की सूची बनाई गई है। इन लाभार्थियों में 3801 सामान्य, 9417 अनुसूचित जाति, 331अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक 2153 शामिल किए गए हैं। लेकिन इस सूची में लाभार्थियों को प्राप्त अंकों के आधार पर चुना गया है या नहीं - यह जांच का विषय है।

जांच के लिए बनाई गई है समिति: सूची की जांच के लिए जिलाधिकारी के आदेशानुसार बी डी ओ के संयोजकत्व में जो समिति गठित की गई है, उसमे एक प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के अतिरिक्त आवास पर्यवेक्षक, आवास सहायक, रोजगार सेवक और जीविका दीदी को सहयोग के लिए शामिल किया गया है। यह समिति लाभार्थियों के पास जाकर जायजा लेगी कि अंको के आधार पर वे सही लाभार्थी हैं या नहीं। सही प्रतिवेदित होने पर ही उन्हें आवास हेतु राशि आवंटित होगी।

सूत्रों के अनुसार इस गड़बड़ी का बड़ा कारण कम्प्यूटर की गड़बड़ी है। कम्प्यूटर में आंकड़े गलत बटन दब जाने या फिर अन्य गड़बड़ी या फिर सही तकनीक का इस्तेमाल नहीं होने के कारण गलत रिपोर्ट दे देती है। इसी कारण गत वित्तीय वर्ष में किसी को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका।

 उप विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार कहते हैं कि जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। सूची में गड़बड़ी की शिकायत पर यह जांच हो रही है।शीघ्र ही सही लाभार्थियों को आवास का लाभ दिया जाएगा।

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