29 मई 2017

‘जोड़ी उपरवाले के यहाँ बनती है, वर्ना बारात तो दरवाजे से भी वापस लौट जाती है’

कहते है कि जोड़ी खुदा के यहाँ लिखी होती है वर्ना बारात तो दरवाजे पर से भी वापस लौट जाती है. कुछ यही हुआ मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड के फुलकिया टोला निवासी राजेश कुमार मंडल के साथ।

बताया जाता है कि फुलकिया टोला से राजेश कुमार मंडल की बारात बड़े ही धूमधाम से लेकर भागलपुर जिले के गोलपुर थाना के गोसंय गांव पहुची. लेकिन दिव्यांग दूल्हे को देख कर दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। वहीं आक्रोशित घर वालों ने पूरे बारात को बंधक बनाकर रख लिया।

घटना पिछले सोमवार की देर रात की है, जब मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र के फुलकिया निवासी बूचो मंडल अपने पुत्र राजेश कुमार मंडल की बरात लेकर गोसंय गांव पहुंचे थे। बरात दरावाजे पर लग गई थी और वरमाले की तैयारी शुरु हो गई थी कि इसी दौरान दुल्हन को लड़का एक हाथ से दिव्यांग होने की जानकारी मिली। लड़के के दिव्यांग होने की जानकारी मिलने के साथ ही दुल्हन ने साफ तौर से शादी करने से इंकार कर दिया। फिर क्या था, पूरे गांव में बात आग की तरह फैल गई। दूल्हे के दिव्यांग होने के कारण दुल्हन द्वारा शादी से इंकार किये जाने की बात पर गांव के लोग भी इकठा हो गए। इस दौरान आक्रोशित परिजनों ने दूल्हा सहित पूरी बारात को बंधक बना लिया।

वधू पक्ष के लोगों का कहना था कि जिस समय शादी की बात चल रही थी उस समय वर पक्ष के लोगों द्वारा लड़के के दिव्यांग होने की बात छुपा ली गई थी। वहीं लड़के के पिता बूचो मंडल ने बताया कि लड़की पक्ष से पांच लोग लड़के को देखने के लिए गए थे।

संबंध जोड़ने के लिए मध्यस्तता कर रहे लोगों को उनके द्वारा सारी जानकारी दे दी गई थी। बारात दरवाजे पर आने के बाद इन लोगों द्वारा शादी से इंकार कर दिया गया। वहीं शादी रुक जाने के बात पंचायत स्तर पर बैठक कर मामले का निपटारा किया गया। जहां पंचायत के लोगों ने वधू पक्ष द्वारा शादी को लेकर उपहार के रूप में दिये गए नकद बीस हजार सहित कपड़े जेवर आदि समानों को वापस किये जाने और शादी समारोह में खर्च हुई राशि को लौटाने की बात पर सहमति बनी। वहीं गोपालपुर थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने कहा कि मामले को दोनों पक्षों के आपसी सहमति के आधार पर सुलझा लिया गया है।

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