31 मई 2017

शराब मिले घर को बना दिया जाएगा आंगनबाड़ी केंद्र, मधेपुरा में फिर घर सील

बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी के बाद भी कहीं-कहीं शराब विक्रेता एवं पियक्कड़ नजर आ जाते थे, लेकिन बिहार सरकार की सख्ती के बाद शराबी विक्रेताओं और पीने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

उत्पाद अधिनियम 62 के तहत जिस मकान या जिस दुकान में शराब तस्करी का मामला सामने आया है, उस दुकान में उस मकान को सील कर दिये जाने का साफ निर्देश है। कहा जाता है कि जिस मकान में शराब मिले हैं उस मकान में आंगनबाड़ी केंद्र बना दिया जाएगा और शराब विक्रेता जिस वाहन का प्रयोग करें उसे जब्त कर नीलाम कर दिया जाय। सरकार के इस फरमान से प्रशासन के हौसले भी बुलंद है। वे   शराबियों के विरुद्ध एक मुहिम छेड़ कर लगातार छापेमारी कर रही है।

बीती रात चौसा बाजार में रमन रेस्ट रेस्टोरेंट एवं बाजार में एक मकान में छापामारी किया गया। पुलिस की लगातार छापामारी से हड़कंप मच गया है और शराबियों में दहशत का माहौल है।  पिछले महीने 30 अप्रैल को सदानंद सिंह को 107 बोतल आर एस शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था आज उत्पाद अधिनियम 62 के तहत चौसा थाना अंतर्गत भटगामा के सदानंद सिंह के घर को चौसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा एवं अंचलाधिकारी अजय कुमार और थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने सील कर दिया।

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