11 मई 2017

आमरण अनशन पर बैठने वालों की संख्यां नौ हुई, डीएम को बुलाने की मांग

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत पड़वा नवटोल पंचायत में आज दूसरे दिन भी पंचायत की 20 सूत्री मांगों को लेकर बहुत से नवयुवक, ग्रामीण एवं महिलाएं समेत पंचायत सरकार भवन में कुल नौ ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. 

आमरण अनशन करने वालों में संतोष कुमार उर्फ पिंटू यादव, संयोजक
प्रखंड संघर्ष समिति मुरलीगंज, कपिल देव पासवान जिला अध्यक्ष दलित सेना मधेपुरा, सिन्टु यादव पूर्व उप सरपंच, अनिल यादव समाज सेवी, संतोष पासवान प्रखंड दलित सेना मुरलीगंज, मुकेश दास अनुमंडल अध्यक्ष दलित सेना, तेज नारायण यादव, संजय भगत और सुरेंद्र शर्मा हैं. चिलचिलाती धूप और गर्मी में धरना एवं आमरण अनशन पर बैठे 9 ग्रामीणों की सुधि लेने कोई मेडिकल टीम तक नहीं पहुंच पाई है.

इन लोगों की 20 सूत्री मांगों पर आज दोपहर बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुरंजन कुमार ने धरना स्थल पर पंचायत सचिव के साथ पहुंचकर उनकी विभिन्न मांगों को सुना तथा उनकी मांगों पर समुचित कार्यवाही 15 से 20 दिनों में करने का आश्वासन दिया। धरना पर बैठे ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के आश्वासन की बात पर उन्हें स्पष्ट किया कि जिन मांगो की की जांच प्रखंड स्तर पर हो सकती है वह तो वह कर सकते हैं. धरना पर बैठे ग्रामीणों को प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि मुखिया पंचायत सचिव अब से पंचायत सरकार भवन में ही कार्य संपादित कर करेंगे। दूसरी मांग का हवाला देते हुए मांग नंबर 6 वृद्धा पेंशन के विषय में उन्होंने बताया कि कुल 490 वृद्धा पेंशन लाभार्थियों में 483 के खाते में पैसा भेजा जा चुका है तथा 20 खाते जिसमें खाता संख्या गलत होने के कारण अब तक पैसे नहीं भेजे जा सकते हैं. वहीँ लक्ष्मी बाई पेंशन परिवारिक लाभ और विकलांग पेंशन के विषय में बतलाया कि 10 दिनों के अंदर सभी मामलों का निष्पादन कर लिया जाएगा । मांग नंबर 8 जिसमें वार्ड नंबर 2, 3 ,4 में पीसीसी ढलाई में बरती गई अनियमितता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इंदिरा आवास योजना के तहत सभी लाभुकों को द्वितीय किस्त भुगतान के संबंध में बताया कि सभी अपने-अपने पहले के कामों के फोटो एवं जानकारी उपलब्ध करवा दें तो जल्द ही दूसरी किस्त का भी भुगतान हो जाएगा।  ग्रामीणों की मांग संख्या 17 के विषय में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि मुरलीगंज अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है इसलिए बहुत ही जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सभी सुविधाएं पड़वा नवटोल स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध करवा दी जाएगी. यहां पानी बिजली के साथ-साथ 24 घंटे डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्रामीणों की मांग नंबर 18 के विषय में बतलाया कि अगर ग्रामीणों द्वारा इस आशय की जानकारी दी जाती है कि सरकारी जमीन उपलब्ध है तो वहां अवश्य ही विद्यालय के लिए भवन की स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी.

लेकिन अनशनकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी के 14 मांग मान लेने के बावजूद भी अनशन पर डटे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा में लाखों करोड़ों की लूट हुई है और जब तक इस लूट के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच नहीं की जाएगी तब तक हम लोग आमरण अनशन पर डटे रहेंगे । एक स्वर में प्रखंड विकास पदाधिकारी से अनुरोध किया कि वह धरना पर ऐसे ही बैठे रहेंगे। क्योंकि सीएससी केंद्र वाले घर घर पहुंचकर अंगूठा लगाते हैं और मजदूरी के पैसे यह कह कर निकाल लेते हैं कि अगर नहीं अंगूठा लगाओगे तो बी पी एल सूची से नाम हटा देंगे, इंदिरा आवास योजना से नाम कटवा देंगे. तरह-तरह की धमकी देकर वह मनरेगा के पैसे का उठाव कर लेते हैं, जो उनकी वास्तविक मजदूरी होती है. यहां तक की बुजुर्ग  महिलाओं ने कहा कि अंगूठा लगवाने पर ₹100 देते हैं और कहते हैं कि तुम्हारे खाते में पैसा नहीं आया है और पैसे का उठाव कर लेते सीएससी केंद्र और मनरेगा दलालों की मिलीभगत से पैसे का उपयोग किया जाता है. मिट्टी गिराने के नाम पर एक या दो टेलर मिट्टी गिराकर खाना पूर्ति की जाती है. ग्रामीणों एवं आमरण अनशन पर बैठे धरनार्थियों की एक ही मांग थी कि जी चाहे कुछ भी हो जाए, जब तक जिला पदाधिकारी स्वयं इस मामले को नहीं देखेंगे हम आमरण अनशन पर डटे रहेंगे।

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