19 मई 2017

सुधरेगा जीवन स्तर: मधेपुरा में एक दर्जन बाल श्रमिकों को राहत राशि का तोहफा

मधेपुरा में आज मुख्यमंत्री राहत कोष से 12 बाल श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के आश्रितों को पांच लाख दस हजार रुपये की सहायता राशि दी गयी।

कलेक्ट्रेट के सभागार में गुरुवार को डीएम मो. सोहैल ने राशि वितरण के मौके पर कहा कि सभी बाल श्रमिक बेहतर शिक्षा ग्रहण कर अपना जीवन स्तर सुधारें।

उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल श्रमिकों का नामांकन किसी प्राईवेट स्कूल में करायें। डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा दी गयी राशि का उपयोग करें। डीडीसी मिथिलेश कुमार सिंह ने अभिभावकों से आग्रह किया कि किसी भी हालत में अपने मासूम बच्चों को किसी दुकान या होटलों में काम कराने के लिए बाध्य न करें। अपने बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दिलायें।

श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार और समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि बाल श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दुकानदारों, होटल संचालकों और गैराज मालिकों को हिदायत देते हुए कहा कि बच्चों से मजदूरी कराने पर वे दंड के भागीदार बनेंगे। विभिन्न होटलों और दुकानों से मुक्त कराये गये बाल श्रमिक अमीर कुमार, सिंटू कुमार, गणेश कुमार, छोटू कुमार, विकास कुमार, मो. आलम, उत्तम कुमार, मो. रियाज, कन्हैया कुमार, कुंदन कुमार, नीतीश कुमार और धर्मेन्द्र कुमार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25-25 हजार रुपये की फिक्स राशि का प्रमाण पत्र दिया गया।

दूसरी तरफ घैलाढ़ के घोपा निवासी प्रवासी मजदूर लखन यादव की 2014 में राजस्थान में मौत होने पर उनकी पत्नी नूतन देवी और पिंटू राम की मौत पर चंद्रिका देवी को एक-एक लाख की सहायता राशि का चेक दिया गया। इसके अलावा एक बंधुआ मजदूर मो. नौशाद को दस हजार रुपये का चेक दिया गया।

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