15 मई 2017

बड़े हादसे से बचा आलमनगर, बड़ी ट्रक नाले में फंसकर पलटी, 2 बाइक चकनाचूर

मधेपुरा जिले के आलमनगर मुख्य बाजार स्थित नाले में मकई से लदे 12-चक्का ट्रक पलट जाने से जहाँ दो मोटर साईकिल ट्रक में दब कर चकनाचूर हो गए वहीं संयोग से दर्जनों व्यक्ति हादसे के शिकार होने से बाल-बाल बचे.

ट्रक पलटने के बाद लोगों की मौके पर भीड़ उमड़ पड़ी एवं प्रशासन पर आक्रोशित होकर तरह-तरह के आरोप लगाते हुए उन्हें कोसने लगी. सोमवार की शाम मकई से लदा ट्रक मुख्य बाजार से गुजर रहा था तो जमा नाले के पानी से ट्रक चालक को सड़क का अंदाजा नहीं लगने से ट्क का चक्का नाले में चला गया, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. बाजार में भरी भीड़ के कारण दो मोटर साईकिल पर सवार लोग अपनी मोटर साईकिल छोड़कर किसी तरह अपनी जान तो बचा लिए, परन्तु मोटर साईकिल ट्रक के नीचे दबने से चूर हो गया ।

ज्ञात हो कि पिछले दस दिन पूर्व आलमनगर पोस्ट ऑफिस चौक पर मुख्य बाजार एवं गाँव से बाहर निकलने का एक मात्र सड़क का नाला जाम रहने के नाम पर जेसीबी मशीन से सड़क को बीचो बीच काट देने से अवागमन की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है । कहा जाता है कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर पीडब्लुडी के द्वारा सड़क के बीचो बीच नाला का निर्माण कराया जा रहा है । परन्तु आलमनगर से बाहर निकलेने के एक मात्र सड़क को काट देने एवं विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किऐ जाने से गाड़ी चालक सहित पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । वहीं निर्माण कार्य मंथर गति से चलने से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है । बगल होकर निजी जमीन से किसी तरह गाड़ी चालक अपने गाड़ी को जान पर खेलकर निकाल पा रहे हैं, खासकर इस क्षेत्र में मक्के की कटाई होने पर किसानों द्वारा उत्पादित मकई को मंडी ले जाने के लिए आलमनगर से रोज लगभग 500 ट्रक एवं हजारों ट्रैक्टर पर मकई ले जाया जाता है. किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । इसी कड़ी मे मंगलवार की रात भी मकई से लदे ट्रैक्टर पलट गई थी.

ज्ञात हो कि आलमनगर मुख्य बाजार सहित क्षेत्र के लोग नाले के पानी से कई वर्षों से नारकीय जिन्दगी जीने को अभिशप्त हैं, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित संवेदक सालों साल नाला सफाई, नाला का उॅंची करण एवं नाला निर्माण के नाम पर अनियमितता और लूट के बाद भी लोगों को इससे निजात नहीं मिल पाया है । लोगो का कहना है कि लगभग तीन करोड़ से ज्यादा की राशि नाला निर्माण पर अबतक खर्च हो चुका है परन्तु इसका निदान नहीं हो पाया है । वर्ष 2002 ई0 आलमनगर मुख्य बाजार में जिला पार्षद के मद से लगभग तीस लाख की राशि से नाले का निर्माण किया गया था, वहीं पंचायतों के द्वारा नाले के निर्माण पर करोड़ों रूपये खर्च किये गए, वहीं 2015 में 65 लाख की राशि से नाला का निर्माण किया गया इसके उपरान्त साल दर साल मनरेगा सहित अन्य योजनाओं से नाले का ऊँचीकरण एवं नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये की निकासी की जाती है परन्तु आज तक आलमनगर का मुख्य बाजार सालों भर नाले के गंदे एवं बदबूदार पानी से भरा रहता है एवं लोगों को नारकीय जिन्दगी जीने को मजबूर होना पर रहा है ऐसे में लोग आक्रोशित होकर आंदोलन एवं आर पार की लड़ाई का मन बना लिए हैं.
(रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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