17 अप्रैल 2017

‘बिहार ने ही गाँधी जी को महात्मा का दर्जा दिलाया’: गाँधी विचार पर व्याख्यान

सभी फोटो: मुरारी सिंह
गाँधी जी के चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के अवसर पर कला भवन में उनके विचारों पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मु सोहैल की अध्यक्षता में  आयोजित व्याख्यान में ही शेष बचे सोलह स्वतंत्रता सेनानियों या दिवंगत हो चुके स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं को सम्मानित भी किया गया।

       व्याख्यान में वक्ताओं ने गांधी के विभिन्न विषयों पर दिए विचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें आज भी समीचीन बताया। जिलाधिकारी मु सोहेल ने गाँधी जी के विचारों को
आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि जब तक हमारे अन्दर गाँधी जी के विचारों को बीज रहेगा तब तक हमारे भारत देश का लोकतंत्र कायम रहेगा। हमारे बिहार ने ही गाँधी जी को महात्मा का दर्जा दिलाया।                       
    उन्होंने कहा कि आज गाँधी जी के विचारों को घर घर तक पहुंचाने की जरुरत है। राज्य सरकार ने इससे अवगत होने के कारण ही चंपारण में आज से एक सौ साल पूर्व गांधी जी द्वारा किसानों की हक़ में छेड़े गए सत्याग्रह कि याद में पूरे राज्य में एक वर्ष तक के लिए यह आयोजन किया है। हम बिहार वासियों का यह कर्तव्य बनता है कि आगामी एक वर्ष तक हम अपने गाँव और घर घर में आनेवाली पीढी को गाँधी जी के और उनके विचारों के बारे में बतावें।
          व्याख्यान का कार्यक्रम देर तक चला और इसमें विश्वविद्यालय के विद्वानों ने लोगों को गांधीजी के विचारों से अवगत कराया। डॉ भूपेंद्र मधेपुरी, प्रो श्यामल किशोर यादव, प्राचार्य एच एल एस जौहरी, डॉ प्रज्ञा प्रसाद, डॉ अमोल राय सहित अन्य विद्वानों ने व्याख्यान में विचार प्रकट किये। मंच सञ्चालन डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया।
       इस आयोजन के दौरान ही जिले के सोलह उन स्वतंत्रता सेनानी और दिवंगत हो चुके स्वतंत्रता सेनानी की विधवाओं को सम्मानित किया गया जो पटना में आयोजित सम्मान समारोह में भाग नहीं ले सके।

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