03 अप्रैल 2017

रामनवमी को ले जिला प्रशासन चौकस, स्थिति पर कड़ी निगरानी का निर्देश

जिला प्रशासन इस बार रामनवमी के अवसर पर विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह चौकस है। एहतियाती तौर पर  सी आर पी सी की धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

    साम्प्रदायिक, उग्रवाद और आतंकवाद  प्रभावित तत्वों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जुलूस और विसर्जन के लिए पूर्वानुमति को आवश्यक करार दिया गया है।
         जिलाधिकारी और आरक्षी अधीक्षक ने इसके लिए संयुक्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि मधेपुरा जिला सांप्रदायिक द्रष्टिकोण से संवेदनशील है। पिछले तीन वर्षो से जिले में दुर्गा पूजा, मुहर्रम एवं रामनवमी के अवसर पर कुल नौ बार सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाएँ हो चुकी हैं। मधेपुरा के दुबियाही, चौसा के फुलौत, आलमनगर के बतुलबासा, बिहारीगंज,साहुगढ़ दीवानी टोला आदि स्थानों में पूर्व में हुई सांप्रदायिक घटनाओं के कारण उक्त स्थलों पर विशेष निगरानी का निर्देश जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त मधेपुरा शहर, सिंघेश्वर स्थान, किशुनगंज, पुरैनी, मुरलीगंज, गम्हारिया मे भी विशेष सतर्कता का निर्देश है।
    मधेपुरा के एस डी ओ संजय कुमार निराला बताते हैं कि रामनवमी के अवसर पर एहतियाती तौर पर 61 स्थानों पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। चार सौ सतासी लोगों के विरुद्ध धारा 107 के तहत कार्रवाई की गयी है। रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर जुलूस और पंडाल की अनुमति अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से प्राप्त करना होगा। पंडाल के लिए अस्थायी विद्युत् कनेक्शन, अग्नि शमन हेतु पानी बालू की व्यवस्था, धूम्रपान रहित पंडाल, अश्लील और भड़काऊ प्रदर्शन पर पाबन्दी और रात 10 बजे से शुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तार यंत्र पर पाबन्दी लगी हुई है। जुलूस में मोटर साइकिल और डी जे का उपयोग नहीं करना है। विधि व्यवस्था बरक़रार रखने का दायित्व आयोजकों को अनिवार्यतः लेना है।
    जिला प्रशासन ने सामप्रदायिक तत्वों की निगरानी के लिए न सिर्फ प्रशासनिक पदाधिकारी और पुलिस बल्कि ख़ुफ़िया विभाग को भी तैनात किया गया है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...