22 अप्रैल 2017

विधायक की गाड़ी से ठोकर मामले में कोमा में पहुंचे पीड़ित के परिवार को मिल रही धमकी!

मधेपुरा जिले के बिहारीगंज विधानसभा  71 क्षेत्र के जदयू विधायक निरंजन मेहता पर एक 45 वर्षीय लक्ष्मण शाह रजनी पोखर टोला को विधायक की गाड़ी से जख्मी करने के मामले को मधेपुरा टाइम्स में प्रकाशित किया था। 

इसके बाद क्षेत्रीय मीडिया में भी हरकत आई है। विधायक की हरकत सोशल मीडिया में भी है वायरल होने लगा और  लक्ष्मण साह की बेटी  मधेपुरा  आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंची। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण दर्ज नहीं किया जा रहा था  । पुनः आरक्षी अधीक्षक के निर्देश पर मुरलीगंज थाना में कांड संख्या 117/2017 दिनांक 19/4/2017 को भारतीय दंड विधान 279, 337, 338 के तहत मामले को दर्ज कर लिया गया है।
 
पीड़ित लक्ष्मण साह के पुत्री किरण कुमारी द्वारा दर्ज करवाई गयी. आवेदन में लिखा गया है कि 9 अप्रैल को उनके पिता लक्ष्मण साह सायकिल पर सवार होकर गेंहू पिसाने बभनगामा जा रहे थे. रास्ते में बिहारीगंज विधानसभा के वर्तमान विधायक निरंजन मेहता की गाड़ी ने पीछे से सायकिल ठोकर मारकर जख्मी कर दिया, जिन गाड़ी पर विधायक निरंजन मेहता खुद  थे। आनन-फानन में उसे उठाकर बिहारीगंज पीएससी में भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। गंभीर रूप से जख्मी लक्षमण का इलाज़ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में निजी अस्पताल पारामाउंट में चल रहा है। अभी तक पीड़ित कोमा में है।

खबर लगने के उपरांत माननीय विधायक ने मधेपुरा टाइम्स को फोन कर कहा था कि मैं या मेरे गाड़ी से या मेरे काफिले से ठोकर नहीं लगा है या मैं अंत तक करता रहूंगा. पुनः  उन्होंने एक दैनिक समाचार पत्र में इस आशय की घोषणा की मेरे काफिले से ठोकर लगी है. यहां एक जनप्रतिनिधि होने के नाते या कर्तव्य होता था कि अपने ना सही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता देकर इलाज करवा दें पर उन्होंने अपने इस कर्तव्य को नकारा. पहले तो कहते रहे हमसे या हमारे काफिले से यह दुर्घटना नहीं हुई फिर स्वीकार कर लेना मामले को पूरा दूसरी दिशा की ओर ले जाता प्रतीत हो रहा है.

परिजनों को मिल रहा जान से मारने की धमकी: मामला दर्ज होने के बाद परिजनों को मिल रही है जान से मारने की धमकी। पीड़ित लक्ष्मण साह की पुत्री व पत्नी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद मेरे मोबाईल पर विभिन्न नम्बरो से विभिन्न आज्ञात लोगो के द्वारा फोन करके अभद्र भाषा का प्रयोग करके केस वापस लेने को कहा जाता है. कहते हैं कि अगर केस वापस नही लिया तो तुम्हारे सहित पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
   
जो भी ही, मामला उलझता जा रहा है और इस बीच कोमा में पड़े लक्ष्मण साह की मौत हो जाती है तो बात और भी बिगड़ सकती है.

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