08 अप्रैल 2017

RED FM 93.5 से Saavn तक धूम मचा रही है मधेपुरा के अजय की कहानी ‘शादी का पेंच’

मधेपुरा की प्रतिभाओं के खजाने में एक अद्भुत प्रतिभा हैं अजय अरूण. पढ़ाई के दौरान शब्दों से मुहब्बत हुई तो फिर शब्दों का जादू कागज़ पर दिखने लगा. शायरी, कविता और कहानियां न सिर्फ लोकप्रिय होने लगी बल्कि दिल में उतरने लगे.

इसी शुक्रवार को जब अजय की कहानी ‘शादी का पेंच’ RED FM 93.5 पर सुनाई गई तो फिर एक बार पूरे देश के उन श्रोताओं में इनकी चर्चा होने लगी, जो साहित्य और कहानियों के शौकीन हैं. कहानी के एक-एक शब्द सुनने वालों को बाँध कर रखने में सक्षम थे और अंत तक गुदगुदाते रहे. RED FM 93.5 पर नीलेश मिश्रा शो एक अत्यंत लोकप्रिय शो रहा है और अजय की कहानी ‘शादी का पेंच’ को जब नीलेश मिश्रा की जादुई आवाज मिली तो जाहिर था मधेपुरा के इस शख्स की कहानी की गूँज दूर तक जानी ही थी.
       इससे पहले इसी मार्च के अंत में अजय की यह कहानी ‘शादी का पेंच’ नीलेश मिश्रा की आवाज में भी मोबाइल पर म्यूजिक एप ‘सावन’ पर स्थायी कॉलम ‘किस्सों का कोना’ में सुनाई गई थी. श्रोताओं के बीच कहानी लोकप्रिय हुई तो उसके बाद RED FM 93.5 पर भी कहानी को प्रसारित करने के लिए चुना गया.

क्या है कहानी में?: ‘शादी दुनियाँ की सबसे वाहियात चीज है!’ ‘इंग्लिश का शादी से क्या ताल्लुक?’  ‘रिलेशन खराब करने से क्या फायदा जब एक ही घाट पर पानी पीना है।‘ ‘राधा को भेजकर त्रिवेदी जी ने अच्छा नहीं किया।’
    ‘पिछली बार गुप्ता जी जो रिश्ता लाये थे. उसमें लड़की वालों की ओर से बकायदा मेरा इंटरव्यू लिया गया था. न जाने कैसे-कैसे सवाल पूछे गये थे. तुम कितना पढ़े हो? इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई किये हो या हिंदी मीडियम से? शादी के बाद क्या एस्पेक्ट करते हो लड़की से? भैया शादी की बात करने गये थे, नौकरी थोड़े ही माँग रहे थे. हद तो तब हो गई जब उनलोगों ने औरों की तरह ये कहकर मुझे रिजेक्ट किया कि लड़के को इंग्लिश बोलनी नहीं आती और क्लर्कई करता है.’ 

      जैसे सैंकड़ों संवाद कहानी में जान फूंकने के लिए काफी थे. दरअसल अजय अरूण की कहानी ‘शादी का पेंच’ में कहानी का नायक शिव साधारण चौरसिया अपनी शादी न हो पाने के कारण बहुत दुखी है. उसकी माँ की तमाम कोशिशों के बाद उसकी शादी कहीं तय नहीं हो पा रही. क्या चौरसिया कुंवारा रह जाएगा या मिलेगी उसको भी दुल्हन? इसी समय त्रिवेदी जी की साली राधा से शिव साधारण चौरसिया की फेसबुक पर चैटिंग शुरू होती है और फिर चौरसिया के मन में लड्डू फूटने लगते हैं. पर क्या ये फूट रहे लड्डू शहनाइयों की आवाज में बदलती है या फिर.....? आगे पूरी कहानी को सुनने के लिए हम आपको RED FM का लिंक अंत में दे रहे हैं, पर उससे पहले आइये जानते हैं कौन हैं अजय अरूण?

कौन हैं अजय अरूण?: मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र के वार्ड नं. 17 के निवासी अरूण कुमार ठाकुर के पुत्र अजय अरूण का न सिर्फ बचपन मधेपुरा में ही गुजरा है बल्कि शिक्षा-दीक्षा भी यहीं हुई. एस.एन. पी. एम. हाई स्कूल के मैट्रिक, टी. पी. कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन करते-करते खुद को इन्होने साहित्य के प्रति समर्पित कर दिया. 14 जनवरी 1984 को जन्मे अजय की दर्जनों कहानियां और कवितायें राष्ट्रीय स्तर की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर सराही जा चुकी हैं. दिल को छूने और वास्तविकता के काफी करीब कवितायें और कहानियां लिखने वाले अजय अरूण की रेडियो पर पहली कहानी ‘शादी का पेंच’ बीती रात 09:00 बजे RED FM 93.5 पर भी प्रसारित हुई है जो मार्च में अत्यंत लोकप्रिय म्यूजिक मोबाइल एप ‘सावन’ पर किस्सों का कोना के अंतर्गत नीलेश मिश्रा की आवाज में लाखों श्रोता के कानों तक पहुँच चुकी है.

      मधेपुरा टाइम्स ग्रुप द्वारा संचालित ऑनलाइन साहित्यिक पत्रिका मधेपुरा टुडे पर अजय अरूण की आधा दर्जन से अधिक रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है. मधेपुरा टाइम्स का आभार व्यक्त करते हुए अजय कहते हैं कि मेरा साहित्यिक सफ़र मधेपुरा टाइम्स से ही शुरू हुआ था और आपके द्वारा बढाए गए मनोबल ने ही मुझे यहाँ तक पहुंचा दिया है. 
   बेहद उम्दा शख्स के रूप में अजय की भावना उनके इन शब्दों से भी जानी जा सकती है कि-

“आ आज हम मजहब बदल डालें
तुम जलो और हम दफ़न हो जाएँ
 इश्क की बानगी में एक बार सही
;हम दो काफिर एक कफ़न हो जाएँ


   तो आप भी रेड एफएम के यूट्यूब चैनल पर अजय अरूण की कहानी ‘शादी का पेंच’ का आनंद लें. यहाँ क्लिक करें.
(रिपोर्ट: आर. के. सिंह)

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