06 मार्च 2017

रेनकट से सड़क की स्थिति जर्जर, नेता पिलाते रहे आश्वासन की घुट्टी

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड से जिला जाने वाली सड़क के बीच इटहरी गांव के समीप रेनकट रहने से लोगों का आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

     उधर प्रखंड से सहरसा एवं सुपौल जाने वाले सड़क के बीच श्रीनगर गांव के समीप भी रेनकट रहने से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. यानि घैलाढ़ प्रखंड किसी होकर जाने वाले सड़कों का यही नतीजा देखा जा रहा है. लेकिन सरकारी अमले को इस और और देखने की फुर्सत नहीं जिस कारण दिनों दिन रेन कट के साथ सड़क टूटती चली जा रही है. अगर इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो परेशानी दिनों दिन बढ़ती जा रही है तथा आगे इसके निर्माण में भी समय और ज्यादा धन की आवश्यकता होगी. सड़क पर संकट एवं सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को कई बार दुर्घटना का शिकार होना पड़ा है. लोग जान जोखिम में डालकर उक्त सड़क होकर गुजरते हैं. इधर ही के स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल के समीप सड़क पर बने रेनकट को ठीक नहीं किया गया तो कभी भी आगमन बाधित हो सकती है क्योंकि यह संकट धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है.
    वहीँ श्रीनगर के ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड और जिला को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है जो तीनो जिलों को जोड़ती है. लेकिन इस सड़क पर कोई ध्यान अभी तक नहीं दिया जा रहा है, जबकि कई बार इस तरफ से डीएम साहब भी गुजरे हैं. वहीं  श्रीनगर पंचायत के मुखिया जयनंदन यादव ने बताया कि इस मुख्य सड़क के बारे में लिखित आवेदन सांसद एवं विधायक को भी दिए लेकिन सिर्फ आश्वासन मिलता रहा. काम नहीं के बराबर हुआ और लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है.
    मालूम हो कि प्रतिदिन हजारों लोगों का इस रास्ते से प्रखंड कार्यालय जिला कार्यालय एवं अन्य जगह जाना लगा रहता है. व्यापारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण रास्ता है. सबसे अधिक कठिनाई बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को झेलना पड़ता है. देखना है कि कबतक प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि इसकी सुधि ले पाते हैं.

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