31 मार्च 2017

बिना प्राध्यापक के एच एस कॉलेज उदाकिशुनगंज को नया जीवन देने का प्रयास

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का अंगीभूत एच एस कॉलेज अपने आप में अजूबा रहा है। यहाँ धीरे धीरे जितने भी प्राध्यापक थे, सेवानिवृत होते गए।
कई प्राध्यापक यहाँ से अपना तबादला कराकर निकल भी गए। स्थिति यह हो गयी कि यहाँ का प्रभारी प्रधानाचार्य श्री रामानुज पासवान भी अपनी 65 वर्ष की सेवा करने के बाद 31 मार्च 2017 को सेवा निवृत हो गए । लिहाजा अब इस कॉलेज में कोई भी नहीं बचा।
          लेकिन विवि ने अब इस कॉलेज को येन केन प्रकारेण बचाने की कोशिश शुरू की है। प्रभारी कुलसचिव प्रो शैलेन्द्र कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस कॉलेज  में चार प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश के लिए छात्र हित एवं महाविद्यालयीय कार्यों को निपटाने के लिए पदस्थापित किया गया है। यहाँ पूर्व में पदस्थापित  लेकिन वर्तमान में हिंदी विभाग स्नातकोत्तर विभाग में पदस्थापित डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह की सेवा वापसी करते हुए पुनः पदस्थापित किया गया है। इनके साथ साथ सहरसा स्थित सर्व ना.सिंह राम कुमार सिंह कॉलेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक श्री अशोक कुमार, अर्थशास्त्र विभाग के डॉ मु. शाहिद हुसैन तथा अंग्रेजी विभाग के श्री दिलीप कुमार सिंह को भी पदस्थापित करने का आदेश जारी किया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार  सम्बंधित प्रधानाचार्य को यह भी निदेशित किया गया है कि वे आज ही इन प्राध्यापकों को योगदान के लिए विरमित कर दें।
         लेकिन इस बावत यह जानकारी भी मिली है कि अन्य कॉलेज से कोई इस कॉलेज में पदस्थापित होना नहीं चाहता और इसके लिए न्यायालय तक का सहारा लिया जा सकता है। ऐसी आशंका होने के कारण ही विवि ने शेष तीन प्राध्यापकों के लिए स्थान्तरण शब्द का उपयोग नही किया है। बहरहाल अब यह देखना है कि सहरसा के प्राध्यापक गण योगदान करते हैं या नहीं।

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