08 मार्च 2017

“दुनियाँ महिलाओं की भूमिका स्वीकार करती है”: हॉली क्रॉस में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज स्थानीय हॉली क्रॉस बालिका विद्यालय परिसर में बद्री मूलो एजुकेशनल सोसायटी के सौजन्य से बालिका जागरूकता कार्यक्रम ‘‘सशक्त बालिका एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर’’ का आयोजन किया गया।

    इस कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि डॉ. शांति यादव, पूर्व प्राचार्या एस॰ एन॰ पी॰ एम॰ +2 विद्यालय, मधेपुरा, विशिष्ट अतिथि श्रीमती रश्मि कुमारी, सहायक शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक मधेपुरा, प्रमिला कुमारी महिला थाना प्रभारी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन सचिव श्रीमती चंद्रिका यादव, डॉ. बन्दना कुमारी प्राचार्या, हॉली क्रॉस स्कूल मधेपुरा, ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर हॉली क्रॉस बालिका विद्यालय प्राचार्या ने सभी अतिथियों को बुके एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। एवं स्वागत भाषण में महिलाओं के आत्मनिर्भरता के लिए उन्हें शिक्षित बनाने पर बल दिया।
    सभा को संबोधित करते हुए हॉली क्रॉस स्कूल की प्राचार्या डॉ. बन्दना कुमारी ने कहा कि समाज की सोच महिलाओं के प्रति बदलनी चाहिये।  आज विश्व भर में महिला दिवस मनाया जाना, इस बात को घोतक है कि आज पूरी दूनियां उनकी भूमिका, भागीदारी को स्वीकार करती है। सती-प्रथा, जैसी संकीर्ण सामाजिक कुरीतियाँ जैसी सोच से उबर कर आज हम विभिन्न क्षेत्रों यथा शिक्षा, स्वास्थ्य उद्योग, कला, साहित्य, विज्ञान, खेल हर क्षेत्रों में हमारी अहम भूमिका है। सामाजिक सोच में बदलाव के साथ तमाम अधिकार जब महिलाओं को सरलता से मिलेगी उनके हक को वास्तवित जरूरत समझ कर उन्हें ये बराबंरी मिलेगा, सुदुर देहात से विश्व स्तर तक ये माहौल बनेगा, उस दिन आधी आबादी को समानता का अधिकार सही साबित होगा।
    सहायक शाखा प्रबंधक रश्मि कुमारी ने कहा कि आम महिलाओं की जिन्दगी में सोच विकसित करनी होगी, एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना होगा। चंद्रिका यादव ने कहा कि मानसिक सोच को बदले, नारी सशक्त होंगी तथा महिला थाना प्रभारी प्रमिला ने कहा कि अपनी इच्छा शक्ति, आत्मविश्वास एवं संकल्प तथा अपने दृढ़ संकल्प से हम हर परिस्थतियों से मुकाबला कर सकते हैं.
     उन्होंने कहा कि आज मधेपुरा बदल रहा है और आज 2 बजे रात में भी सुकून से मधेपुरा की गलियों में धूमती हूँ. जरूरत है, हर महिलाओं को जागरूक रहने एवं सरकार द्वारा जारी सभी नियम कानून को समझ कर उसका पालन करने की.  मुख्य अतिथि डॉ. शांति यादव ने महिलाओं की स्थिति दिशा, दशा पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि संकीर्ण सोच में बदलाव एवं बेटियों को सशक्त बनाने के लिए अच्छी स्वास्थ्य और शिक्षा देकर हीं उन्हें सशक्त बना सकते है। महिलाओं के चतुर्दिक विकास हेतु उनके तमाम अधिकार उन्हें मिले। आज भी देश में 543 लोकसभा सीटो में मात्र 62 महिलायें, देश की 32 राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या मात्र 9 प्रतिशत एवं महिला साक्षरता 65 प्रतिशत ये सिद्व करता है कि महिलाओं को और अभी कितनी लड़ाइयाँ लड़नी है। बराबरी का दर्जा एवं कानून तो बनाये गये लेकिन शिक्षित न होने के कारण अभी -भी हमारी भागीदारी का प्रतिशत कम है. अतः उन्होंने महिलाओं को एकजुट होकर विश्व में अपनी भागीदारी 100 प्रतिशत सुरक्षित करने का आह्वान किया. 
      उपस्थित अभिभावकों में श्रीमती रजनी (पत्नी-ए॰एस॰पी॰) मधेपुरा, श्रीमती पूनम, श्रीमती नूतन, सरिता सिन्हा, किरण सिंह, आषा झा ने अपना विचार रखा। इस अवसर पर बालिकाओं ने महिला थाना प्रभारी से सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रश्न जिन्दगी वर्ग नवम्, समीक्षा यदुवंशी ने पूछा, जिसका जबाव थाना महिला थाना प्रभारी ने बखूबी दिया।  शाखा प्रबंधक रष्मि कुमारी से बैंको में असुरक्षा जैसा भाव (महिला होने के नाते) है या नहीं, इसके जबाव में श्रीमती रश्मि ने कहा कि बैंक में बिल्कुल समानता के साथ एक मशीन की तरह कार्य करती हूँ। असुरक्षा का कोई माहौल नहीं है।
    कार्यक्रम का संचालन वागीषा गर्ग, पल्लवी प्रिया एवं प्रिया रमन ने किया। इस अवसर पर महिलाओं को समर्पित एक गीत तुम आशा और विश्वास हमारे मधेपुरा की स्वर कोकिला श्रीमी राज ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर आशा यादव, पुष्पाजंलि भारती, ज्योति, अंजली गाँगुली, आरती झा, किरण सिंह सरिता कंठ, सोनी, प्रियंका, रश्मि, साक्षी सुनिता, अंजली सुमन सिंह, रोमा प्रियदर्शिनी, श्रीमती कल्पना, गायत्री कुमारी, अनिता सिंह काजल कुमारी, समिधा शर्मा, दीपा सिंह, शैलेन्द्र कुमार अध्यक्ष बी॰ एम॰ एजुकेशन सोसायटी, उज्जवल कुमार सदस्य, कुन्दन ऋषिदेव सदस्य, पप्पू कुमार सदस्य, एवं सैकड़ों महिलाएँ तथा विद्यालय की सभी छात्राएँ मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन मनोरमा देवी ने किया।

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