25 मार्च 2017

अच्छी खबर: अब हिन्दू धार्मिक स्थलों को भी चहारदिवारी का तोहफा, मधेपुरा सूबे में आगे

अब सिर्फ कब्रिस्तानों को ही चाहरदीवारी से सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने हिन्दू धार्मिक स्थलों को भी चाहरदीवारी से घेराबंदी कर सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है।
सबसे अच्छी बात यह है कि मधेपुरा के जिलाधिकारी मु. सोहैल ने राज्य में सबसे पहले पहल  करते हुए पहले चरण में नौ हिन्दू धार्मिक स्थलों का चयन कर वहां चाहरदीवारी निर्माण शुरू भी करवा दिया है। सबसे पहले उन स्थलों को चुन गया है जहाँ अतिक्रमणकारियों से बड़ा खतरा था। एल इ ओ द्वारा इन स्थलों पर चाहरदीवारी निर्माण हेतु टेंडर प्रकाशित कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।

इन स्थलों को किया गया है चयनित-
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1.सिंहेश्वर  में रामजानकी ठाकुरबाड़ी  चहारदिवारी लागत-12.24 लाख रु.
2. सिंहेश्वर  के पटोरी स्थित श्री श्री 108 रामजानकी ठाकुरबाड़ी चहार दिवारी लागत-29.33 लाख रु.
3 घैलाढ के श्री नगर के वार्ड न0 8 में उमा महेश्वर मंदिर चहार दिवारी लागत- 9.50लाख रु0
4. कुमारखंड के रघुनियां वार्ड न0 6 में स्थित ठाकुरबाड़ी के पूर्वी भाग में चहार दिवारी लागत-20.37 लाख रु0
5. गम्हरिया में वृन्दावन बिहारी लाल ठाकुर बाड़ी चहार दिवारी लगत-15.47 लाख रु0
6. उदा किशुनगंज के नयानगर स्थित प्राचीन पुरातत्व मंदिर की चाहरदीवारी लागत-29.45 लाख रु0
7. चौसा के कलासन ठाकुरबाड़ी की चहार दिवारी लागत- 5.37 लाख रु0
8. बिहारीगंज के मोहनपुर चौमुख ठाकुरबाड़ी चहार दिवारी लागत- 9.47 लाख रु0
9. आलमनगर के नरथुआ में राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी चहारदिवारी लागत-12.54 लाख रु0 ।
             इस प्रकार इन नौ हिन्दू धार्मिक स्थलों की चहार दिवारी निर्माण का लिए प्राप्त एक करोड़ रु0 के विरुद्ध 1.43 करोड़ की योजना स्वीकृत की गयी है।
       जिलाधिकारी मु. सोहैल बताते हैं कि इन स्थलों की मापी कराकर ही चाहरदीवारी निर्माण का आदेश दिया गया है ताकि कहीं कोई खलल न पड़े। सिंहेश्वर  में भी भूमि की मापी कराकर ही निर्माण किया गया है। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे भी निगरानी करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण करावें।

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