14 फ़रवरी 2017

मधेपुरा में डॉक्टर ने किया ओपीडी का बहिष्कार तो एक डॉक्टर का दिखा बेदर्द रूप

वैशाली के डाक्टर  के साथ डीएसपी  द्वारा  मारपीट के विरोध  मे आज सदर अस्पताल मधेपुरा के स्वास्थ्य कर्मियों ने ओपीडी  का बहिष्कार कर स्वास्थ्य  सेवा  ठप्प कर दिया.

  मिली जानकारी के अनुसार वैशाली के  एक डाक्टर  के साथ डीएसपी ने  मारपीट की  जिसके  विरोध में भाषा ने पूरे बिहार में आज ओपीडी  का बहिष्कार करने का  एलान किया था. मधेपुरा सदर अस्पताल के  सभी डाक्टर ने भी स्वास्थ्य का बहिष्कार कर दिया.
         ओपीडी सेवा बंद होने मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश दिखा और हर तरफ अफरातफरी का माहौल रहा. एसीएमओ शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि कुछ  देरओपीडी में इलाज के बाद डॉक्टर ने सेवा का बहिष्कार किया लेकिन इमर्जेंसी  सेवा जारी रखा गया.

डॉक्टर का ये कौन सा रूप?: कहते हैं डॉक्टर भगवान् का रूप होते हैं, पर मिलिए मधेपुरा सदर अस्पताल में सहरसा से आने-जाने वाले एक बेदर्द डॉक्टर से, जिन्होंने अस्पताल के डीएस की भी बात नहीं मानी और प्रसव के लिए दर्द से छटपटा रही मरीज का ऑपरेशन करने से मना कर दिया.
     मिली जानकारी के अनुसार आज सदर अस्पताल में उदाकिशुनगंज के मलोघा गांव के परमानन्द  प्रसाद  की पत्नी विवेका देवी  प्रसव  कराने भर्ती  हुई थी. जांच के बाद पता चला कि विवेका का ऑपरेशन से प्रसव होगा. अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन की सारी तैयारी कर ली पर ड्यूटी  पर तैनात सर्जन डाक्टर रविन्द्र कुमार रवि को जब ऑपरेशन के लिए  कहा गया तो उन्होंने कहा कि मैं ऑपरेशन नहीं करूंगा. मरीज के परिजन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी  ओर कर्मचारी  डाक्टर रवि से आरजू-मिन्नत करते रहे लेकिन वह डॉक्टर का दिल नही पसीजा. डीएस डाक्टर अखिलेश कुमार  के कहने पर भी डॉक्टर रवि ने उनके आदेश को मानने से इनकार करते कहा कि जहाँ लिखना है लिख दीजिये, मैं ऑपरेशन नहीं करूंगा. इसके बाद उक्त डॉक्टर साहाब मरीज को दर्द से तड़पता और परिजनों को बिलखता छोड़ सहरसा के लिए कूच कर गए जहाँ उनका निजी क्लिनिक है.

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