06 फ़रवरी 2017

मधेपुरा: चार दिवसीय श्री श्री 108 रामनाम महायज्ञ का हुआ श्रीगणेश

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय स्थित मां काली मंदिर में आयोजित चार दिवसीय  श्री श्री 108 रामनाम महायज्ञ और पूजन कार्यक्रम का कलश यात्रा के साथ विधि विधान से आज सोमवार को श्रीगणेश हो गया।

कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ धूमधाम से निकाली गई। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे जय श्रीराम, हर-हर महादेव व  गायत्री माता की जय के उदघोष  से वातावरण गूंज उठा। मंगल कलश लेकर चल रही महिलाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर लोगों ने स्वागत किया।
    चार दिवसीय यज्ञ और पूजन कार्यक्रम के तहत पहले दिन मंगल कलश यात्रा निकाली गई। महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष सूर्य कुमार पट्वे, सचिव बिंदेश्वरी पासवान  के नेतृत्व में कलश यात्रा  निकाली गई। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं महिलाओं और पुरुषों ने बढ़ चढ़ कर भागीदारी की। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। कलश यात्रा आयोजन स्थल मां काली मंदिर से निकल कर सम्पूर्ण प्रखंड मुख्यालय की सड़को को भ्रमण करते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर  पूर्ण हुई। इस दौरान कलश यात्रियों ने रंग बिरंगे परिधानो में सज संवर कर भाग लिया और "हम सुधरेंगे -युग सुधरेगा"जैसे नारे लगा कर महौल को भक्तिमय कर दिया। यहां मंगल कलश की स्थापना कर गायत्री परिवार के चक्रधर मेहता,गोपाल साह,प्रमोद प्रियदर्शी और प्रखंड संयोजक कुंजबिहारी शास्त्री ने विधि विधान से यज्ञ और पूजन कार्यक्रम को सफल बनाया ।
  चक्रधर मेहता ने कहा कि मनुष्य को संतोष से जो सुख मिलता है वह सबसे उत्तम है और उसी सुख को मोक्ष सुख कहते हैं। उन्होंने कहा कि वाचलता का त्याग,निंदा कटुवचन सुनने पर,हानि होने पर,क्रोध आदि से आवेश में आकर, दुर्वचनों का त्याग, स्वल्प भाषण, विवाद त्याग और यथा शक्ति मौन धारण बातचीत संतोष कहलाता है। उन्होंने कहा कि जो मानव बुरे कर्म निंदनीय कार्य करता है वह भी भय के कारण दुख का भागी बनता है। जबकि मन में संतोष होने पर मनुष्य व्यर्थ की लालसा में नहीं पड़ता है। इससे वह व्यर्थ की चिंताओं से मुक्त हो जाता है ।
    प्रमोद प्रियदर्शी ने कहा कि व्यक्ति निर्माण,परिवार निर्माण, समाज निर्माण की धुरी पर संपूर्ण राष्ट्र और विश्व सुखी सम उन्नत बनाने के लिए गायत्री परिवार के माध्यम से विनम्र प्रयास चलाया जा रहा है। 2026 तक धरती पर रामराज्य की सुखद झांकी मानव मात्र के लिए दृष्टि गोचर होने लगे,इसके अनेकानेक प्रयास किए जा रहे हैं। युवा पीढ़ी को भटकाव के मार्ग से हटाने के लिए सृजन के मार्ग पर लाया जा रहा है। ताकि राष्ट का विश्व में सर्वत्र सुख शांति का वातावरण बने। गायत्री परिवार के पूर्व जिला संयोजक गोपाल साह,प्रखंड संयोजक कुंजबिहारी शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति के रक्षा के लिए हो रही इस यज्ञ से वातावरण का शुद्धिकरण होगा। वहीं व्यक्ति एवं समाज के मन एवं चित तथा शरीर की शुद्धि होती है।
    कलश यात्रा में महिलाएँ और पुरुष अधिक संख्या में शामिल रहे। मौके पर यज्ञ कमिटी के अध्यक्ष सूर्यकुमार पट्वे, पूर्व मुखिया श्रवण कुमार पासवान, राजकिशोर पासवान, बिंदेश्वरी पासवान, कैलाश पासवान, भूपेन्द्र पासवान, गीता देवी इंदु देवी, फेकनी देवी समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे ।

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