23 जनवरी 2017

नशे के खिलाफ दुनियां की सबसे बड़ी जंग में अटूट थी लोगों की प्रतिक्रियाएं (वीडियो)


21 जनवरी 2017. विश्व रिकॉर्ड बिहार के नाम रहा. नशे के खिलाफ इसे दुनियां की सबसे बड़ी जंग कहा जा सकता है. कहा जा रहा है कि पूरे बिहार में 3 करोड़ लोगों ने मानव श्रंखला बनाकर एक दूसरे का हाथ सिर्फ इसलिए थामा कि बहुत हो चुका, अब शराब नहीं.

          मधेपुरा में भी उम्म्मीद से कई गुना लोग घरों से निकल कर सड़कों पर सरकार के साथ हो लिए. क्या महिलायें, क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, क्या अधिकारी, क्या कर्मचारी, क्या हिन्दू, क्या मुस्लिम, क्या सिख, क्या ईसाई, क्या सताधारी दल, क्या विरोधी....मानो इस मुद्दे पर हर कोई साथ चलना चाह रहा हो. हो भी क्यों नहीं, इस शराब ने ही तो कितनों की जानें ले ली, कितने घर को बर्बाद किया, कितनी हत्याओं और अपराध का गुनाहगार बना तो कितनी पत्नियों के मांग के सिन्दूर धुलवा दिया. बस, अब और नहीं. अब जब सरकार सख्त है तो हम क्यूं भला पीछे रहें.
          मधेपुरा में भी सड़क पर उतरे लोगों की प्रतिक्रियाएं अटूट थी. शराब आजादी पर प्रहार है, जैसी हर बातें उन्हें कुतर्क से कहीं ज्यादा नहीं लग रहा था. कई लोगों ने साफ़ तौर पर कहा कि ये बिलकुल हानिकारक है और हम पीने वालों को प्रशासन के हवाले भी कर रहे हैं. मतलब साफ़ है, अमनपसंद लोग शराबियों की जगह जेल बना रहे हैं. भिरखी के अली साहब भी कुछ ऐसा ही कहते हैं तो भाजपा नेता आभाष आनंद का कहना है कि लोगों में जबतक खुद जागरूकता नहीं आएगी तबतक कानून सही ढंग से काम नहीं कर सकेगा. भारत में बहुत से कानून बनाये गए हैं पर अपराध फिर भी हो रहे हैं. हां, ये मानव श्रृंखला लोगों में चेतना जागृत करने के लिए बड़ा कदम तो है ही.
          लाइन में खड़े हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उजित राजा मानते हैं कि शराबबंदी बहुत ही जरूरी है और मानव श्रृंखला लोगों में इसके प्रति बड़ी जागरूकता लाएगी. पटना से घर लौरटी रहे मिथिलेश मधेपुरा के बस स्टैंड पर सवारी के अभाव में भटक रहे हैं, पर कहते हैं शराबबंदी के समर्थन में किसी भी कठिनाई को झेलने को वे तैयार हैं. वैसे कहने की अब जरूरत ही कहाँ है जब करोड़ों लोग विश्व के इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड बनाने सड़कों पर उतर आये हों. वैसे भी यकीन मानिए, कुतर्कों से नशे का समर्थन करना आपके मानसिक दिवालियापन का सूचक है.
   तो आइये, मासूम बच्चों के मुस्कुराते चेहरे या पत्नी की मांग में आपके नाम के दमकते सिन्दूर को भी बरक़रार रखने के लिए शराब को ना कहें दिल से.
  देखिए इस वीडियो को और सुनिए प्रतिक्रियाएं. यहाँ क्लिक करें.
(ब्यूरो रिपोर्ट)

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