17 जनवरी 2017

'जो व्यक्ति मानव श्रृंखला में नही दिखेंगे समझियेगा वे शराब के समर्थक हैं'

मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड में मध्य विद्यालय पुरैनी बीआरसी स्थित अम्बेदकर मैदान मे आयोजित मानव श्रृंखला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि चौसा बार्डर से पुरैनी मुख्य सड़क होते हुए उदाकिशुनगंज बार्डर तक मानव श्रृंखला पुरैनी प्रखंड अन्तर्गत बननी है.
    जिलाधिकारी मो सोहैल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित सभी कर्मियों को आदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति मे 21 जनवरी को दिन के 12:15 बजे से 1 बजे के बीच मानव श्रृंखला के दौरान हाथ नही छूटनी चाहिए.
    जिलाधिकारी ने आमजनो से अपील करते हुए कहा की शराबबंदी को आप नैतिक समर्थन करें. शराब भस्मासुर की तरह समाज के समक्ष खड़ा था जो लोगो के सुख शांति व परिवार की खुशियों को छीन लिया था. प्रदेश के महिलाओ के कहने पर ही हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने यह अहम फैसला लिया और शराबबंदी की. उन्होने खासकर महिलाओ से अपील की कि वे स्वंय और परिवार के सभी पुरूष व महिला सदस्य को इस कार्यक्रम मे सम्मिलित होने के लिए भेजे और जो कार्यक्रम मे भाग न ले उसे भोजन न दे.
   जिलाधिकारी ने कहा कि मानव श्रृंखला मे सम्मिलित बच्चो को प्रमाण पत्र निर्गत की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मानव श्रृंखला के लाईन मे नही दिखेंगे समझियेगा वे शराब के समर्थक हैं. वहीँ कार्यक्रम को एएसपी मधेपुरा राजेश कुमार ने भी संबोधित किया. मौके पर वरीय उपसमाहर्ता मिथिलेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी मधेपुरा अनुमंडल पदाधिकारी उदाकिशुनगंज मुकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरूण कुमार दुबे, प्रखंड विकास पदाधिकारी रीना कुमारी, अंचलाधिकारी अशोक कुमार मंडल, बीईओ नीलम कुमारी, सीडीपीओ जयश्री दास, मनरेगा पीओ रजनीकांत सिंह सहित प्रखंड व अंचल के सभी कर्मी के अलावे सभी पंचायत प्रतिनिधि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका आशा जीविका दीदी व सैकड़ो आमजन उपस्थित थे.

कार्यक्रम के दौरान सरपंच हुए नाराज: वहीँ कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, मुखिया व पंचायत समिति के सदस्य को जहां मंचासीन किया गया वही पंचायत सरकार की न्यायपालिका सरपंच को न तो मंचासीन किया गया और न ही संबोधन के लिए ही आमंत्रित किया गया. जिससे सभी 9 सरपंच आगबबूला हो उठे. सरपंच उमेश सहनी, पप्पू मिस्त्री, सरपंच प्रतिनिधि अशोक मेहता आदि का कहना था कि पंचायत मे सरपंच की भूमिका भी अहम होती है लेकिन स्थानीय पदाधिकारीयो के द्वारा हमलोगो को नजरअंदाज किया जाना सरपंच पद का अपमान है. अगर यह रवैया रहा तो हम सभी सरपंच इस महाअभियान मानव श्रृंखला कार्यक्रम मे कदापि भागीदारी नही लेंगे.

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