14 जनवरी 2017

लाल सलाम !: नहीं रहे कामरेड मो0 मंसूर अली, शोक की लहर

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के पैना पंचायत के पूर्व मुखिया सह भाकपा के वरिष्ठ नेता कामरेड मो0 मंसूर अली का आकस्मिक निधन हो गया. वे 75 वर्ष के थे.
    मो0 मंसूर अली के निधन से उनके परिवार समेत पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. वे लंबी बीमारी से जूझ रहे थे और बीते शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया.
     मालूम हो कि श्री अली अपने स्टूडेंट लाइफ के गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैंऔर समाज में अपना स्वच्छ छवि छोड़ गए हैं. वह अपने युवा अवस्था में ही भाकपा में शमिल हो कर मरणोपरान्त तक इसी में रहे.
     आज चौसा प्रखंड अवस्थित भाकपा कार्यालय में भाकपा के कार्यकर्त्ता ने ‘कॉ0 मंसूर तेरे अरमानो को हम मंजिल तक पहुँचाएंगे, कॉ0 मंसूर अमर रहे कॉ0 मंसूर को लाल सलाम’ जैसे नारे लगाए और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर एक मिनट का मौन धारण कर अपने नेता को श्रद्धाजलि अर्पित किया. कार्यालय में उनकी पत्नी, पुत्री और दामाद मौजूद थे.
    इस अवसर भाकपा राज्य प्रतिनिध सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि मंसूर अली हमारे लोकप्रिय और ईमानदार नेता थे. इनके देहांत से पार्टी को अपूरणीय क्षति पहुंची है. वहीँ जिला सचिव विद्याधर मुखिया ने कहा कि मंसूर अली ने अपने जीवन में कभी भी किसी को तकलीफ नहीं दी और पार्टी के लिए जो उनका सपना था, उसे हमलोग पूरा करेंगे. वही भाकपा प्रदेश उपाध्यक्ष शम्भू क्रांति ने भी अपने नेता को युवा अवस्था से ही अपना जीवन पार्टी को न्यौछावर करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी भाकपा जिला परिषद् सदस्य थे.
     श्रद्धांजलि देने के समय भाकपा के दर्जनों कार्यकर्ता रामदेव सिंह पूर्व मुखिया, अमरिन्दर सिंह, नीरज सिंह पूर्व मुखिया,गणेश सिंह,चंद्रशेखर पोद्दार, रविंदर मंडल, बन्देलाल मंडल, रामोतार सिंह, छतरी राम, राहुल सिंह, भुनेश्वर सिंह, झोटी मंडल आदि मौजूद थे. आज शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक उनके ही पैतृक गाँव पैना में कर दिया गया. इनके अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी.

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