29 जनवरी 2017

BNMU: छात्रों की उपस्थिति समेत शिक्षा व्यवस्था सुधारने को ले कर बड़ी बैठक

मधेपुरा यूथ एसोसिएशन (माया) के बैनर तले छात्र, विश्वविद्यालय शिक्षक, विश्वविद्यालय पदाधिकारी और अभिभावकों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.

    बैठक मे मुख्य मुद्दा छात्रों की उपस्थिति महाविद्यालय मे बढ़ाने और पी.जी. कोर्स, बी.सी.ए  सहित तमाम कोर्स के सत्र को नियमित करने के सुझाव पर हुई विस्तार पूर्वक चर्चा. इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात रही कि बस समस्या नहीं गिनाई गई बल्कि हजारों छात्रों के सर्वेक्षण के बाद समस्या के निदान पर चर्चाये हुई. मधेपुरा यूथ एसोसिएशन (माया) द्वारा 50 से अधिक ऐसे बिंदुओं की जानकारी रखी गयी जिसके अपनाने से महाविद्यालयों में उपस्थिति मे बहुत बड़ा परिवर्तन आ सकता है.
    बैठक मे मुख्य वक्ता के तौर पर प्रतिकुलपति जे.पी.एन. झा, डिप्टी रजिस्ट्रार नरेंद्र श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार, प्रो. रहमान, प्रो.पी.एन.सिंह, माया के संरक्षक तुरबसु सचिन्द्र मौजूद थे. बैठक की अध्यक्षता मधेपुरा यूथ एसोसिएशन (माया) के अध्यक्ष राहुल यादव ने किया.
      बैठक के प्रारंभ में माया के संरक्षक संदीप शांडिल्य ने सर्वेक्षण के उपरांत प्राप्त आकडे के आधार पर महाविद्यालयों मे उपस्थिति सुधारने के लिए निम्न बिंदु पर चर्चा की शुरुवात की. Attandance के लिए Bio-Matrix मशीन -Electronic I-Card का इस्तेमाल छात्र सहित शिक्षकों के लिए, प्रत्येक वर्ग के अन्दर CCTV Camera का इस्तेमाल, छात्रों के लिए Professional  Corporate ड्रेस, 80% से ज्यादा उपस्थिति पर 5 % मार्क्स का अवार्ड और प्रत्येक संकाय में प्रथम आने वाले छात्रों को पुरुस्कार, कॉलेज कैंपस के अन्दर सभी प्रकार के इंडोर – आउटडोर गेम की व्यवस्था, प्रत्येक वर्ग में प्रतिदिन किस टॉपिक की पढाई हुई है उसका संक्षिप ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज हो जिसपर प्रतिदिन प्रधानाचार्य का हस्ताक्षर, प्रत्येक कॉलेज का अपना वेबसाइट और फेसबुक पेज, जो प्रत्येक दिन अपडेट, विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस में बड़े आयोजन के तौर पर वार्षिक फेस्टिवल्स का आयोजन, इंटर कॉलेज गेम ,कला , क्वीज आदि प्रतियोगिता का बराबर आयोजन किया जाना चाहिए, सभी शिक्षकों का बराबर किसी बड़े और अन्य राज्य के कॉलेज में ट्रेनिंग की व्यवस्था, अन्य राज्य के शिक्षकों को आमंत्रित कर किसी न किसी विषय पर बराबर क्लास का आयोजन, प्रत्येक कॉलेज का Alumni Section, प्लेसमेंट सेल, नये बैच के लिए फ्रेशर डे , अंतिम बैच के लिए विदाई समारोह, अभिभावक मिलन समारोह का आयोजन, कॉलेज कैंपस के अन्दर कैंटीन, छात्र– छात्राओं के लिए पेयजल और साफ सुथरा बाथरूम की समुचित व्यवस्था, प्रत्येक विषय से सम्बंधित सेमीनार , वर्कशॉप का आयोजन, कॉलेजों में विकसित लाइब्रेरी की व्यवस्था, Innovation, Carrier Counselling, Assignment या प्रोजेक्ट की व्यवस्था, Syllabus Modification, Exam में Objective Question  पर बल, किसी भी स्थिति में सत्र नियमित रखना, वार्षिक कैलेंडर, किसी भी स्थिति में पूर्व घोषित दिनांक के आधार पर फॉर्म भरवाना, परीक्षा लेना और रिजल्ट देना, प्रत्येक कॉलेज में सभी विषय के छात्रों के लिए एक कॉमन कंप्यूटर लैब, Wi-Fi Campus, अनिवार्य सॉफ्ट स्किल, पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लास की व्यवस्था, यूनिवर्सिटी के अंतर्गत प्रत्येक जिला मुख्यालय में यूनिवर्सिटी ऑफिस, यूनिवर्सिटी के अन्दर होने वाले हर काम के लिए समय सीमा, प्रत्येक कॉलेज के गेट पर कॉलेज कैंपस का मैप , आपातकालीन स्थिति के लिए पारामेडिकल टीम, डॉक्टरों का सदस्य के तौर पर जोड़ना, छात्रों के परामर्श के लिए मनोचिकित्सक की व्यवस्था, सभी शिक्षकों कर्मचारियों का एकदम समय पर वेतन भुगतान, किसी भी स्थिति में कदाचार मुक्त परीक्षा, छात्र संघ का चुनाव, Personality Development & English Communication के लिए Expert के मदद से जिला मुख्यालय के एक कॉलेज में साप्ताहिक क्लास का आयोजन, युनिवर्सिटी के अन्दर सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर काम, युनिवर्सिटी के किसी भी छोटे बड़े इवेंट की जानकारी बड़े और स्पष्ट रूप में मुख्य अख़बार और इन्टरनेट पर प्रकाशन, सभी कॉलेज का नैक दुवारा मान्यता, कॉलेज कैंपस के अगल-बगल अतिक्रमण, पान की दुकान आदि को बंद करवाना, कॉलेज कैंपस के अन्दर किसी भी प्रकार का नशा पर पुर्णतः प्रतिबन्ध, छात्राओं के शिकायत लिए खास कर अलग गर्ल शिकायत सेल, कॉलेज/ युनिवर्सिटी के अकाउंट सेक्शन में निश्चित रूप से CCTV की व्यवस्था जैसे पचास से ऊपर बिंदुओं पर चर्चा की गयी.
     अध्यक्ष राहुल यादव का कहना था कि विश्वविद्यालय पदाधिकारियो के आग्रह है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं को विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों मे लागू की जानी चाहिए. सभी छात्र कॉलेज जाना चाहते हैं मगर कॉलेज में बुनियादी सुविधा का भी घोर आभाव है. अगर सपूर्ण महाविद्यालय मे संभव नहीं हैं तो किसी एक कॉलेज या किसी एक विभाग को मधेपुरा यूथ एसोसिएशन गोद ले कर उसे बदलने को तैयार हैं. अगर विश्वविद्यालय के पास फण्ड का कमी हैं तो मधेपुरा यूथ एसोसिएशन शहरवासियों से भीख मांगने को भी तैयार हैं.
    उपरोक्त बिंदुओं पर चर्चा होने के बाद प्रतिकुलपति जे.पी.एन. झा ने कहा: निश्चित ही सभी मुद्दे कारगर हैं बहुत बिन्दुवाओं पर काम हो रहा हैं. बहुत सी कठनाई छात्र संगठन के आन्दोलन के कारण भी विश्वविधालय को उठाना पड़ता हैं. हमारी कोशिश रहेगी की विश्वविद्यालय प्रसाशन हर संभव सहयोग करेगी.
    माया के उपाध्यक्ष दीपक यादव ने कहा: मधेपुरा यूथ एसोसिएशन छात्र संगठन नहीं हैं ये मधेपुरा के युवाओं का संगठन हैं जिसका उद्देश्य युवाओं का सर्वंगीण विकास हैं. अगर विश्वविद्यालय को मैन पॉवर की कमी का सामना करना पर रहा तो मधेपुरा यूथ एसोसिएशन के सैकड़ो सदस्य सहयोग के लिए कंधे से कन्धा मिला का खड़ा हैं. हम कभी समस्या ले कर विश्वविद्यालय नहीं आएंगे हमारे पास निदान हैं जिसे सहज स्वीकार करने की जरुरत हैं.
    सत्र नियमित करने के मुद्दे पर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार ने कहा: किसी भी सूरत मे विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी विषय का सत्र होनी चाहिए. भले ही छह माह के बदले थोड़े कम अवधि मे ही जितना सिलेबस पूरा हुआ हैं उसके आधार पर परीक्षा ले कर या मॉडल प्रश्नपत्र के आधार पर परीक्षा ली जा सकती हैं. परन्तु इसके लिए जरुरी हैं कि सभी छात्र, छात्र संगठन, अभिभावक अपना एक राय बनाए.  
     डिप्टी रेजिस्टार नरेंद्र श्रीवास्तव ने माया के सभी बिन्दुओं को ध्यान पूर्वक सुनने के बाद कहा कि माया द्वारा सर्वेक्षण के बाद सुझाया गया हरेक बिंदु अपने आप मे बहुत महवपूर्ण हैं जिसकी चर्चा नेक गाइडलाइन्स, यू.जी.सी. गाइडलाइन्स या अन्य जगहों पर भी की गयी हैं. माया धन्यवाद का पात्र हैं जो उन्होंने तमाम बिन्दुओं पर छात्रों से अपनी राय ली. साथ ही साथ उन्होंने बहुत अच्छे अन्य उपायों पर भी चर्चा की. वहां मौजूद तमाम शिक्षकों, वक्ताओं ने अपनी बातें रखी.
    माया के सचिव ई. ज्योतिष मंडल ने सभी वक्ताओं को सुनने के बाद तमाम छात्रों से अपील करते हुए कहा कि कृपया सभी छात्र क्लास करने के लिए अपने अपने कॉलेज पहुंचे और अगर क्लास मे लगातार तीन दिन शिक्षक नहीं मिलते तो इसकी जानकारी माया एक्शन टीम को दे. उसके बाद सभी टीम के सदस्य और छात्र शिक्षक से अनुरोध और विनती करने उनके आवास पर जायेंगे और उन्हें जानकारी देंगे की छात्र क्लास आना शुरू आकर चुके हैं. किसी कारण अगर तब भी बात नहीं बनती तो इसकी जानकारी पूर्ण विवरण के साथ विश्वविद्यालय प्रसाशन को दी जायेगी.
    बैठक के अंत मे मधेपुरा यूथ एसोसिएशन के उपसचिव आनंद मंडल ने घोषणा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को अब नए प्रांगण मे प्रवेश करना चाहिए. अगर विश्विद्यालय दो अप्रेल तक नए प्रांगण मे शिफ्ट नहीं होता तो मधेपुरा यूथ एसोसिएशन निवेदन करते हुए पुरे गाजे बाजे के साथ, गृह परिवेश पूजा करवाते हुए पी.जी. डिपार्टमेंट को वहा शिफ्ट करवाएगी.
    बैठक का धन्यवाद ज्ञापन मधेपुरा यूथ एसोसिएशन के मिडिया उपसमिति के सदस्य संजय परमार ने अपने भाषण के साथ किया. मौके पर सदस्य सुधांशु कुमार, सुमन कुमार, टुनटुन कुमार, मुकेश, अमरदीप, सौरभ, नितीश, रमेश, सूरज, जसवीर, बिपेश, अमरेन्द्र, आजाद, आरती कुमारी सहित बहुत से छात्र उपस्थित थे.   
(ए.सं.)

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