09 जनवरी 2017

ऑटो और मोटरसायकिल की टक्कर में एक महिला की मौत, 7 घायल



मधेपुरा जिले में मुरलीगंज से बिहारीगंज जाने वाली स्टेट हाइवे 91 पर टेम्पू और मोटरसायकिल बी आर 38 एफ 4963 की एक आपस में जोरदार टक्कर हुई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि अन्य सात लोग घायल हो गए.
    बताया गया कि बिहारीगंज की तरफ से तेज़ गति में रही टेम्पू और सामने से तेज गति में रही मोटरसायकिल अचानक अनियंत्रित हो कर आपस में टकरा कर दुर्घटना ग्रस्त हो कर गड्ढे में जा पलटी. दुर्घटना में टेम्पू पर सवार सात व्यक्ति घायल हो गए. सवारियों को घायल छोड़ कर मौके से मोटरसायकिल चालक और टेम्पू चालक फरार हो गया.
     मौजूद स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बचाव के साथ पुलिस को दुर्घटना की सूचना दी और स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में प्राथमिक उपचार केंद्र मुरलीगंज लाया गया जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉ अमित कुमार अमर ने सभी घायलों की इलाज़ शुरू की. इलाज़ के दौरान 55 वर्षीय एक महिला को मृत घोषित कर दिया गया. बताया जाता है कि मृत महिला की शिनाख्त नही हो पा रही है. और अन्य छह व्यक्ति घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. घायल चंदेश्वरी यादव (उम्र 70 वर्ष), पिता कुशुमलाल यादव हरिपुरकलां निवासी, सूरतलाल यादव (उम्र 55 वर्ष) पिता श्यामसुन्दर यादव तुलसिया निवासी, बुधनी देवी (उम्र 40 वर्ष) पति सत्यनारायण दास शेखपुरा निवासी, संजू देवी (उम्र 50 वर्ष) पति स्वर्गीय विद्यानंद रघुनाथपुर निवासी, मूर्ति देवी (उम्र 52 वर्ष) पति पलटन ऋषिदेव रजनी निवासी का इलाज प्राथमिक उपचार केंद्र में किया गया .जबकि एक विन्देश्वरी साह 35 वर्षीय धरहरा निवासी की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है.  इलाज़ में कार्यरत डॉ अमित अमर ने बताया कि विन्देश्वरी साह की दाहिने पैर की हड्डी कई जगहों पर टूट गई है और इनकी हालत गंभीर है, बेहतर इलाज़ के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.
      मुरलीगंज प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध नही होने के कारण रेफर किये गए मरीज को सदर अस्पताल ले जाने के लिए कुछ देर गहमा-गहमी चली. लेकिन घायल विन्देश्वरी साह की स्थिति और भी नाजुक होते देख रोगी कल्याण समिति की ओर से भाड़े के टेम्पू से मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा गया.
    आये दिन जब भी कभी गंभीर हालत में मरीजो को बेहतर इलाज हेतू अन्यंत्र रेफर किया जाता है तो समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नही होता है और मरीजो को बेहतर इलाज हेतू बाहर ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एम्बुलेंस सुविधा नही रहने के कारण स्थानीय लोगो में आक्रोश है.
       सबसे अहम बात यह है कि घोड़े की लगाम थामने वाले हाथों ने आज टेंपो का स्टेयरिंग  थाम लिया है. जिस तरह घोड़े बेलगाम हो कर चलते हैं उसी तरह टेंपो को भी यह बिना अनुज्ञप्ति धारी चालक सरेआम फर्राटे के साथ बिना परिवहन नियम के नियमों का पालन किए हुए सड़क पर दौड़ाते हैं. आए दिन हो रही दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह यही है. पता नहीं परिवहन विभाग क्यों खामोशी से इस हो रहे है मौत का तमाशा देख रही है .मोटरसाइकिल के चालकों की अनुज्ञप्ति जांच की जाती है पर आज तक कहीं भी किसी टेंपो चालक से ऐसे कागजातों की मांग तक नहीं की जाती और न ही निरिक्षण किया जाता है. दुर्घटना ग्रस्त टेंपो पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित नहीं है.

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