27 जनवरी 2017

मधेपुरा: राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर भड़के ग्रामीण, होगी कार्रवाई



मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत सिगयान पंचायत के धरहरा गांव में उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरहरा में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर ग्रामीणों द्वारा जोरदार विरोध किया गया.

    बताया गया कि मुरलीगंज प्रखंड के धरहरा गांव में उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरहरा के प्रधान शिक्षक राजकुमार रजक द्वारा कल झंडोत्तोलन के बाद झंडे को फहरता छोड़ दिया गया. आज शुक्रवार अहले सुबह जब ग्रामीणों ने राष्ट्रीय ध्वज को विद्यालय प्रांगण में फहरते देखा तो राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की सूचना पाकर सर्वप्रथम मुरलीगंज थानाध्यक्ष को इसकी सूचना दी. तदुपरांत ग्रामीणों ने बताया कि थाने की ओर से  कहा गया कि ससम्मान झंडा उतार कर रख लिया जाए और ऐसे लापरवाह विद्यालय प्रधान किए पर न्याय संगत एवं राष्ट्रीय ध्वज के अपमान में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी. तदुपरांत ग्रामीणों द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रामगुलाम गुप्ता को इस आशय की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत बिल्कुल ही गलत है और इस पर ऐसे प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
     ग्रामीणों द्वारा इस आशय की सूचना मीडिया के प्रतिनिधियों को दी गई वहां स्पष्ट रुप से देखा गया कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा विद्यालय प्रांगण में पहर रहा था और उसे उतारने का प्रयास किया जा रहा था.

    इस अवसर पर शंभू राम ने विद्यालय पहुंच कर बताया कि मेरी पत्नी इस विद्यालय की अध्यक्षा है और कल शाम से ही अंधेरा हो जाने के कारण हम लोगों ने नहीं देखा कि ध्वज उतारा गया या नहीं ध्वज सवेरे सभी ग्रामीणों ने ठहरते देखा और इसकी सूचना पदाधिकारियों के साथ-साथ मीडिया को दी.  वहीं राजेश्वर प्रसाद यादव जो इस स्कूल के बगल के निवासी हैं उन्होंने बताया कि आज या ध्वज पुणे 9:00 बजे तक फहर रहा था जिसे हम लोगों ने सर्वप्रथम थाना एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सूचना देने के उपरांत उतारा है या राष्ट्रीय ध्वज का घोर अपमान है. इस पर अवश्य कार्रवाई होनी चाहिए या हेड मास्टर हम लोगों को हमेशा धमकी देता रहता है कि हम हरिजन एक्ट के झूठे केस में फसाकर बर्बाद कर देंगे. हम जैसा चाहेंगे वैसा ही इस विद्यालय में होगा, मेरा विरोध करने वाले को मैं देख लूंगा.
     वहीं ग्रामीण शशीभूषण झा ने कहा कि इस विद्यालय प्रधान द्वारा काफी दिनों से मनमाने ढंग से विद्यालय चलाया जा रहा है. हर तरफ हर क्षेत्र में इसने अनियमितता फैला रखी है. पढ़ाई से लेकर के कर मध्यान भोजन तक यहां फर्जीवाड़े ही चलते हैं  वही ग्रामीण ललन कुमार यादव ने बताया कि हमने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को फोन पर ही सासे की सूचना दें उन्होंने बताया कि हम बाहर हैं आने पर कार्रवाई की जाएगी. अर्जुन कुमार साह पंचायत समिति सदस्य धरहरा ने बताया कि ग्रामीणों की बातें बिल्कुल 100% सही है और विद्यालय प्रधान द्वारा मनमाने ढंग से स्कूल चला जाता है वह 11:00 बजे विद्यालय आते हैं और आज राष्ट्रीय ध्वज का अपमान इनके द्वारा हुआ है. इन पर कार्यवाही होनी चाहिए.

क्या कहता है नियम: नियमतः सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है. तिरंगे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए. फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए. तिरंगे का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो तिरंगा उनके दाहिने ओर हो. यदि कोई शख्स ‘भारतीय ध्वज संहिता’ के तहत गलत तरीके से तिरंगा फहराने का दोषी पाया जाता है तो उसे जेल हो सकती है। इसकी अवधि तीन साल तक या जुर्माना लगाया जा सकता है या दोनों भी हो सकते हैं.


Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...