28 जनवरी 2017

मधेपुरा: झोले में फेंकी नवजात बच्ची मिली, सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज एन एच 107 के पास कोसी प्रोजेक्ट के पीछे  एक झोले में नवजात बच्ची मिली है. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला आई थी और वहां झोला रखने के बाद वह बैठी और पुनः झोला छोड़ कर चली गई.

   घास काट रही कुछ महिलाओं को शक होने पर वहां जाकर देखा तो पाया कि उस झोली में एक नवजात बच्ची रो रही थी. कुछ लोगों ने उसे उठाकर अस्पताल लाया और अस्पताल में नर्स के पास यह कह रख कर चला गया कि बच्चा बीमार है, इलाज के लिए हम पुर्जा बनवा रहे हैं तब तक आप इलाज शुरू करें. इसी दरम्यान वे गायब हो गए.

   मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि उसके बाद से वह फरार है. काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला. बच्ची के विषय में उन्होंने बताया कि वह वजन के हिसाब से वह किलो से भी कम है. हमने उसे इनक्यूबेटर में रखा है और मधेपुरा स्वास्थ्य समिति को इस लावारिस बच्चे की जानकारी भी दी. कोई महिला आई थी जो बच्चे की तहकीकात के बाद चली गई. प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि इस आशय की जानकारी हमने थाना प्रभारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दे दी है. शाम में मौके पर मौजूद डाक्टर राजेश ने बताया कि बच्चे की उचित देखभाल की जा रही है. बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण हर क्षण किया जा रहा है.
      देखें तो यह घटना अपने आप में सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा है. एक तरफ जहाँ बेटी बचाओ जैसे अभियान चलाये जा रहे हैं और बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं वहां नवजात बेटियों को फेंक देना शर्मनाक है. मामला पुलिस में दर्ज होना चाहिए और दोषी माँ-बाप पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है ताकि ऐसी घटना पर लगाम लग सके.

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