12 जनवरी 2017

‘12 वर्षों के बाद राज्य सरकार '7 निश्चय' पर निकली है. यानि अब तक अनिश्चय में थी’: चेतन



"यह समाजवादियों ओर सवतंत्रता सेनानियों की धरती रही है. यह मेरे परपितामह स्व. रामबहादुर बाबू की कर्मभूमि है, जहाँ वे सन 1942 में नमक सत्याग्रह कर जेल गये थे. मैं इस धरती को नमन करता हूँ."

    उक्त बातें आज छात्र 'हम' के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा 'फ्रेंड्स ऑफ़ आनन्द' के कार्यकारी अध्यक्ष श्री चेतन आनन्द ने वेदव्यास महाविद्यालय, मधेपुरा  में आयोजित 'कार्यकर्ता सम्मेलन' में कही.
   सभा को संबोधित करते उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर समाजवादी आंदोलन और बाद में जे.पी. आंदोलन का यह धरती गढ़ रहा है. लेकिन आजादी के सात दशकों बाद भी कोशी देश के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है. वीरों और बलिदानियों की यह धरती राजनीतिक तौर पर जितनी उर्बरा है, विकास के मामले में उतना ही पिछड़ा. बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के कारण आज यहाँ अपराध और उग्रवा द तेजी से बढ़ रहा है. स्कूलों-कॉलेजों में बिना पढाई परीक्षाएं हो रही है, फाइलों में कॉलेज चल रहे हैं. विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार और शैक्षणिक अराजकता का अड्डा बना हुआ है. बिहार से प्रतिभाओं  का पलायन जारी है. यहाँ के छात्र बाहर जाकर तमाम यूनिवर्सिटी के सारे रेकॉर्ड तोड़ रहे हैं. बिहार से  प्रतिभा और पैसा दोनों बाहर जा रहा है, पर शिक्षा, रोजी, विकास, हर मामले में बिहार अन्य राज्यों  के बनिस्पत  फिसड्डी है. बारह वर्षों के बाद राज्य सरकार 'सात निश्चय' पर  निकली है. यानि अब तक यह सरकार अनिश्चय में चल रही थी.                                     
      सभा को संबोधित करते हुए श्री चेतन ने कहा- शराब बंदी देर से उठाया गया एक अच्छा कदम है, लेकिन पहले गाँव-गाँव शराब की भट्ठी, गली-गली शराब की दूकानें खुलवाकर राजस्व लूटा और अब अचानक शराब बंदी कर यश लूट रहे हैं. अब तक राज्य सरकार पूर्ण नशा बंदी में विफल रही है.
     उसी तरह नोट बन्दी राष्ट्रहित की एक अच्छी योजना, अच्छा कदम था,जो बगैर पूरी तैयारी के लागू करने के कारण आम लोगों के लिए कष्टप्रद साबित हो रहा है. राज्य सरकार के सात निश्चय पर व्यंग्य कसते हुए युवा नेता ने कहा, तो क्या सरकार अब तक अनिश्चय में चल रही थी ? विगत 12 वर्षो में राज्य सरकार को कायदे से कम से कम 12 निश्चय तो पूरा करना ही चाहिए.
      उन्होंने बताया कि एक राजनीतिक षययंत्र का शिकार हो  मेरे पिता पिछले 11 वर्षों से कठिन कारावास की सजा भोग रहे हैं. मैं यहाँ 29 जनवरी को पटना में उनकी सम्मानजनक रिहाई हेतु आहूत 'न्याय मार्च' का न्योता देने आया हूँ. नौजवानों के जोशपूर्ण स्वागत और पिता के दोस्तों से मिले अपनापन और प्यार से मैं अभिभूत हूँ. निकट भविष्य में जन सवालों को लेकर मैं पुनः मधेपुरा आऊँगा.
       उनके साथ 'फ्रेंड्स ऑफ आनंद' के प्रांतीय अध्यक्ष श्री कुलानंद यादव 'अकेला', महासचिव एस के विमल श्री ललनेश, युवा महासचिव राजन आनंद, सत्यनारायण बाबा जी आदि ने भी सम्बोधित किया. इसके पहले दीपक और गुड्डू, रंजन के नेतृत्व में वाणिज्य महाविद्यालय के पास से दर्जनों दो पहिया और चार पहिया वाहनों के साथ नौजवानो ने श्री चेतन और आगत अतिथियों का स्वागत किया. सभा की अध्यक्षता वार्ड पार्षद श्री ध्यानी यादव और संचालन अमित कुमार मोनी ने किया.

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