09 दिसंबर 2016

प्राइवेट डॉक्टरों की अद्भुत सेवा भावना, सरकारी अस्पतालों में सैंकड़ों मरीज हुए लाभान्वित

सूबे में अन्य जगहों का तो पता नहीं पर मधेपुरा में प्राइवेट डॉक्टरों के द्वारा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सेवा देने के इस कदम की जितनी भी तारीफ की जाय, कम है.

मधेपुरा के जिलाधिकारी मो. सोहैल के अनुरोध पर मधेपुरा के सभी प्राइवेट डॉक्टर्स ने जिले भर के सभी सरकारी अस्पतालों में महीने में 1 दिन मुफ्त इलाज करने का फैसला लिया तो जिले के लाखों की आंखों में आशा की किरण दिखाई देने लगी.  इस बात में शायद ही किसी को संदेह हो कि सरकारी अस्पतालों की हालत लाख प्रयास करने के बावजूद बहुत अधिक सुधर नहीं पा रहे हैं. इन अस्पतालों में प्रतिनियुक्ति चिकित्सक ना तो समय पर अपनी सेवा देने आते हैं और ना ही बेहतर सेवा दे पाते हैं. लाचार होकर अधिकांश सक्षम या फिर अधिक लाचार मरीजों को जिले में मौजूद कई निजी क्लीनिकों की तरफ रुख करना होता है.
   पर अब जब प्राइवेट क्लीनिक के प्राइवेट डॉक्टर्स सरकारी अस्पतालों में ही मौजूद हो तो फिर मरीजों की भीड़ सरकारी अस्पतालों में भी होनी तय है. सदर अस्पताल मधेपुरा तथा जिले के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आज प्राइवेट डॉक्टर्स  के द्वारा पहली बार समय दिया गया. सभी रोगों के विशेषज्ञ होने से हर मर्ज का इलाज जब एक ही जगह मिलने लगे तो फिर रोगियों के चेहरे पर चमक आ गई. सिर्फ सदर अस्पताल में शिड्यूल के मुताबिक मौजूद चिकित्सकों से दिखाने कम से कम 150 मरीज पहुंचे. सभी प्राइवेट डॉक्टर्स ने ध्यान से उनकी बातें सुनी कई मामलों में जांच की आवश्यकता जताई तो कई मरीजों को सीधे दवा लिख दी. हालांकि लिखी गई दवाइयों में सदर अस्पताल मधेपुरा में कितनी दवाइयां मौजूद थे इसकी जानकारी नहीं मिल सकी.
     आई एम आर आई डी ए के सदस्य चिकित्सकों ने कहा कि जब भी सेवा भावना और जब मानवता की बात आती है तो वे किसी विपरीत परिस्थिति में पीछे नहीं हट कर आम लोगों के साथ हैं. मौके पर डॉ. सचिदानंद यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन को भी डॉक्टर के साथ कॉर्डियल होना चाहिए. हाल में बनाए गए कई कानून चिकित्सक विरोधी थे. इसके बावजूद जब भी सरकार या प्रशासन की तरफ से सरकारी अस्पतालों में समय देने की बात रखी गई तो वे हमेशा मानवता के नाते बीमार लोगों की सेवा करने को आगे आते रहे.
      सदर अस्पताल मधेपुरा में आज  डॉ. मिथिलेश कुमार (आँख तथा ENT), डॉ. ए. के. मंडल (शिशु रोग), डॉ. अमित आनंद (आँख), डॉ. यू. के. राजा (हड्डी), डॉ. एस. एन. यादव (फिजिशियन), डॉ. डी. के. सिंह (सर्जन), डॉ. आलोक कुमार (सर्जन), डॉ. प्रियदर्शिनी प्रियम्बदा (स्त्री रोग विशेषज्ञ)आदि मौजूद थे जबकि प्रखंडों में पीएचसी में भी सूची के मुताबिक़ प्राइवेट डॉक्टर्स मौजूद थे और रोगियों का इलाज करतेर हे. 
(नि.सं.)

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