23 दिसंबर 2016

मधेपुरा में पत्रकार के साथ सुरक्षा अधिकारी ने किया दुर्व्यवहार, मामला गरमाया

मधेपुरा में एक बार फिर एक सुरक्षा अधिकारी ने ही किया पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार व हाथापाई. जिले में पत्रकारों की सुरक्षा पर उठ रहा है एक बड़ा सवाल.
   जब सुरक्षा अधिकारी ही सुरक्षा के बदले खतरा हो जाएँ तो आखिर किस पर करें भरोसा. ये बात हम नहीं एक सुरक्षा अधिकारी के किये गए करतूत ही बताने के लिए काफी हैं और खुद में एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.
    गुरूवार को मधेपुरा में 2000 करोड़ की लागत से बन रहे विद्युत रेल इंजन कारखाना का जायजा लेने रेलवे अधिकारी का एक शिष्ट मंडल पहुंचा था, जहाँ पूर्व से अपनी मांग को लेकर श्रीपुर चकला के भूदाता एवं स्थानीय मजदूर आन्दोलन व जमकर नारेबाजी कर रहे थे. इस दौरान खबर कवरेज करने पहुंचे पत्रकार जब इन तमाम बिन्दुओं के मद्देनजर रेलवे के शिष्ट मंडल के अधिकारी से मिलने व सवाल का जबाब तलाशने इंजन कारखाना परिसर में प्रवेश किया तो फिर क्या ? गेट पर तैनात सुरक्षा अधिकारी कहें या शैतान, वो लाल पीला हो उठा और पत्रकार को अन्दर जाने से पहले तो रोकने का प्रयास किया. बाद में वह इस कदर बदतमीजी पर उतर आया जिसकी कल्पना न्यूज कवरेज करने जा रहे किसी पत्रकार ने नहीं की होगी. इतना हीं नहीं उलटे पत्रकार के साथ धक्का मुक्की कर हाथ से मोबाइल तक छीनकर फेंक दिया. जिससे पत्रकार का लगभग 20 हजार रुपये का मोबाइल टूट गया. सुरक्षा गार्ड गालीगलौज पर भी उतारू हो गया. जबकि बगल में मौजूद पुलिस के सहायक अवर निरीक्षक महेश कुमार भी मूकदर्शक बने रहे. बाद में जब पुलिस सहायक अवर निरीक्षक महोदय को देखा नहीं गया तो सुरक्षा गार्ड को समझाते हुए कहा कि पत्रकारों से इस तरह बदतमीजी करना उचित नहीं है तब मामला शांत हो गया.
    अब सवाल उठता है कि जब सुरक्षा अधिकारी या सुरक्षा गार्ड समाचार संकलन के लिए गए पत्रकार के साथ ही शैतानी पर उतर जाय, तो पत्रकार की सुरक्षा पर जिले व राज्य में  एक बड़ा सवाल खड़ा होता है? इस मामले को लेकर जिले के तमाम पत्रकार आहत हैं वहीँ आईरा के महासचिव डॉ. आई. सी. भगत ने कहा कि मामले की जांच कर उक्त दोषी सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाय ताकि फिर किसी पत्रकार के साथ इस तरह की घटना ना घट सके. महासचिव ने कहा कि अगर उक्त पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो पत्रकार संघ आईरा आन्दोलन पर बाध्य होंगें.  हालांकि इसके बाद जिले के पत्रकारों का एक दल मधेपुरा के एसपी विकास कुमार से मिल कर इस सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपने गया तो एसपी विकास कुमार ने संज्ञान लेते हुए उक्त सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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