11 नवंबर 2016

गैमन इंडिया के द्वारा कराये सड़क निर्माण कार्य को मुआवजे के लिए रोका

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड पर होकर गुजरने वाली एस एच 91 पर हो रहे सड़क निर्माण के विरोध में आज कोल्हायपट्टी एवं रघुनाथपुर के ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम कर दिया गया.
सुबह से जाम लगा रहा पर कई घंटे तक कोई सरकारी पदाधिकारी  जाम स्थल पर नहीं पहुंचे. जाम का नेतृत्व कर धीरेंद्र यादव ने बताया कि जिस सड़क  के निर्माण कार्य  को हम लोगों ने रोका वह सड़क 1970 पहले हम लोगों की जमीन थी. क्योंकि 70 से पहले यह सड़क 4 किलोमीटर घूमकर नदी के किनारे से होकर गुजरती थी. नदी में कट जाने के कारण तत्कालीन विधायक राजनंदन प्रसाद द्वारा लाइफ लाइन कह कर किसानों से जमीन मांग ली और कहा कि कागजी  प्रक्रिया पूर्ण होने में वक्त लगता है और इसका मुआवजा  आप लोगों को मिल जाएगा. वह मुआवजा आज तक नहीं मिला. फिर पथ निर्माण विभाग ने इसे सड़क घोषित कर गैमन इंडिया को एस एच निर्माण के लिए सौंप दिया. उस समय भी हम लोगों को भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि नहीं प्राप्त हुई थी और अब भी ऐसा लगता है कि हमें नहीं मिल पाएगा. अधिग्रहण का पैसा नहीं मिला इसलिए हम लोगों ने सड़क अवरुद्ध कर रखा है तथा निर्माण कार्य को रोक दिया. हम लोगों का जिला पदाधिकारी के साथ इस मुद्दे पर कई बैठक हुई. भुगतान के विषय में जिला पदाधिकारी ने क्या किस प्रकार का निर्णय जारी करवाया इसकी लिखित जानकारी भू धारियों को उपलब्ध नहीं करवाई गई है; और कल शाम से सड़क निर्माण भी प्रारंभ कर दिया गया.  गैमन इंडिया द्वारा पुनर्निर्माण के लिए मटेरियल गिराकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया जिस का विरोध हम लोगों ने किया और निर्माण कार्य को रोक दिया. इस अधिग्रहण में लगभग 500 आदमी की जमीन पड़ती है  फिर जिला पदाधिकारी द्वारा एक बोर्ड गठित कर भूमि अधिग्रहण एवं उसके मुआवजे के निर्धारण के लिए सदस्यों की टीम बनाई इसमें भी तो 2014 की लीज नीति के तहत जिसे सदस्य नहीं होना चाहिए बिहार सरकार रोड डेवलपमेंट लिमिटेड पदाधिकारी  को भी  उसका सदस्य बना दिया गया. समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञप्ति के अनुसार कुल 131 व्यक्तियों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिलना था जो अभी तक नहीं मिल पाया है.
   उधर गेमन इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर धरना  स्थल पर अपने निर्माण को  रोके जाने पर  रघुनाथपुर कोल्हापट्टी के ग्रामीणों द्वारा अवरुद्ध किए जाने पर मौजूद थे. उन्होंने बताया कि हम तो दोनों ही तरफ से जाते हैं. प्रशासन कहती है कि निर्माण कंपनी जानबूझकर निर्माण नहीं करती है, जब हम निर्माण करने आते हैं तो ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य को मुआवजा न मिलने के कारण रोक दिया जाता है. ऐसी स्थिति में हम क्या कर सकते हैं. मधेपुरा जिला पदाधिकारी के मौखिक आदेश पर हमने निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया लेकिन कल शाम ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई. हमने निर्माण एजेंसी के वरीय पदाधिकारी को इस आशय की सूचना भेज दी है देखें क्या निर्णय लिया जाता है.
     शाम 3:30 बजे मुरलीगंज अंचलाधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार और डी जी एम रोड रोज डेवलपमेंट डिपार्टमेंट बिहार सरकार के मधेपुरा इकाई के डी जी  एम रामानंद मंडल के साथ सड़क जाम स्थल पर रवाना होने से पूर्व बताया कि हम लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द किसानों का मुआवजा मिल जाए बीच में दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के आ जाने से इस प्रक्रिया में थोड़ी धीमी गति आ गई है और अब जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी. इसमें कहीं किसी तरह की विरोधाभास वाली भावना नहीं है. जिला पदाधिकारी द्वारा निर्धारित किए गए भूमि अधिग्रहण को ही आधार माना जाएगा और वह याद जल्द से जल्द वितरित किया जाएगा.
(रिपोर्ट: संजय कुमार)

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