05 नवंबर 2016

NDTV पर एक दिन के रोक के खिलाफ मधेपुरा में फूंका पीएम मोदी का पुतला

केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा नेशनल टीवी चैनल एनडीटीवी को एक दिन के लिए बंद करने के आदेश के विरोध में मधेपुरा में भी स्वर सामने आने लगे हैं. 
सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए मधेपुरा के पत्रकार संगठन आईरा ने स्थानीय लोगो के साथ पीएम मोदी का पुतला फूंका. इस मौके पर बोलते हुए आईरा के जिला महासचिव डॉ. आई.सी. भगत ने कहा कि पत्रकारिता सवालों पर ही टिका है. यदि पत्रकार सवाल करे तो सत्ता निरंकुश हो जाएगी. लोकतंत्र में तो लोगों को बोलने की आजादी मिली है लेकिन कितने लोग हैं जो जनहित के लिए बोल पाते हैं? यह काम पत्रकार ही करते हैं, जिसके लिए उन्हें हमेशा निशाना बनाया जाता रहा है. अबतक उन्हें गुंडा तत्व धमकाने का काम करते थे लेकिन अब सरकार सीधे तौर पर सामने गई है. आईरा के जिला अध्यक्ष रजनीश सिंह ने बताया कि एनडीटीवी पत्रकारिता में अपनी सादगी के लिए ही जाना जाता है. देश के कुछ चुने हुए मीडिया हाउसों में यह एक ऐसा हॉउस है जो सेंसेसन और सत्ता की चाटुकारिता से खुद को बचाए रखा है. शायद इसी का नतीजा है की सरकार उसे बंद करने की साजिस रच रही है. राजनेता प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि अबतक सरकार के दलाल लोग सरकार के किलाफ़ आवाज उठाने वाले को दबाते थे, उसपर हमला करते थे लेकिन एनडीटीवी प्रकरण ने सरकार के दमनकारी रूप को सामने ला दिया है. 
        इस कार्यक्रम में पुतला दहन करते हुए लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि पत्रकारों  की स्वतंत्रता पर रोक बर्दास्त नही किया जायेगा. एनडीटीवी के उपर की गई कारवाई से पत्रकारिता की धार कमजोर नही पड़ेगी. मौके पर पत्रकार तुरवसु, शंकर कुमार, भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद प्रभाकर, विरेंद्र ना सिंह, शंभू क्रांति, वसीम उददीन, देवराज, विजय सिंह, दिलीप भगत, सौरव कुमार, मनोज कुमार, भूदेव, मो. मुसताक आदि मौजूद थे
(Report: Murari Singh)

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