24 नवंबर 2016

समिधा ग्रुप में चल रहा है मैट्रिक/इंटर कंपार्टमेन्टल परीक्षा का ई-मूल्यांकन

इस वर्ष के शुरुआत मे हुए टॉपर घोटाले ने समूचे राज्य के छवि को धूमिल किया परन्तु बिहार सरकार और बिहार विद्यालय समिति ने बिना अपना धैर्य खोये जहाँ गलत लोगो को जेल भिजवाया वहीँ अपने स्वरुप को भी लगातार बदल रहा है.  
तकनीक आधारित मैट्रिक/इंटर कंपार्टमेन्टल परीक्षा का -मूल्यांकन का कार्य मधेपुरा जिले मे समिधा ग्रुप सहित सम्पूर्ण राज्य मे शुरू हो गया. केंद्र के मूल्यांकन निदेशक प्रोजेक्ट कन्या हाई स्कूल सिंहेश्वर के प्रधानाचार्य श्री यतीन्द्र कुमार ने बतलाया कि पहली बार पूरे राज्य मे कॉपी की जाँच कंप्यूटर आधारित हो रही हैं, जिसमे किसी भी प्रकार की पैरवी, धांधली संभव नहीं रह गयी हैं.  इस प्रणाली के तहत छात्रों को मेरिट के हिसाब से संतुलित नंबर मिलेगा. सभी शिक्षक इस बदलाव से खासे उत्साहित हैं. जाँच शुरू करने से पूर्व संदीप शांडिल्य केंद्र निदेशक और आई.टी. टीम के राहुल कुमार ने पूरा प्रशिक्षण प्रदान किया. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बिहार मे जितने भी छात्र परीक्षा देंगे उन सबके कॉपी से नाम और रोल कोड ख़त्म करके बस एक बार कोड चिपकाया गया है और पूरे राज्य के कॉपी को एक साथ मिला कर उसका स्कैन कॉपी सोफ्टवेयर पर डाला गया हैं. पूरा कॉपी सॉफ्ट कॉपी के तौर पर चेक किया जाएगा. जांचने वाले शिक्षक को भी पता नहीं कि वे किस छात्र का कॉपी जाँच रहे हैं और हरेक प्रश्न का नंबर टुकड़े मे बंटा हुआ हैं, जिसका मार्किंग भी ऑनलाइन ही होगा. किस शिक्षक ने किस कोड को जांचा हैं कितना अंक दिया हैं इसका पता एक क्लिक से चलेगा. केंद्र निदेशक समिधा ग्रुप के संदीप शाण्डिल्य ने जानकारी दी कि संस्था को मूल्यांकन पूर्ण होने तक पूर्णतः बंद रखा गया है. हालांकि किसी भी प्रकार की धांधली इस प्रणाली मे संभव ही नहीं हैं फिर भी एतिहात के तौर पर और नियमानुसार किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना परिचय पत्र के अन्दर आने से मना किया गया हैं. साथ केंद्र पर दंडाधिकारी भी नियुक्त किये गए हैं. हालाँकि अधिकांश शिक्षक पहली बार कंप्यूटर पर बैठे हैं मगर केंद्र के दुवारा दिए गए प्रशिक्षण और मदद से से समस्या कम हो गई है.

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