26 नवंबर 2016

न्यायालय समेत जिले के कई कार्यालयों में आज मनाया गया ‘संविधान दिवस’

मधेपुरा के जिला न्यायालय, जिला समाहरणालय समेत कई संस्थाओं में आज 26 नवम्बर का दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया गया.
मौके पर अधिकारियों और कर्मियों ने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर दुहराया. व्यवहार न्यायालय, मधेपुरा में ठीक साढ़े दस बजे सभी न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़कर दुहराई. मौके पर जिला न्यायाधीश मजहर इमाम, प्रधान न्यायाधीश अतुल कुमार श्रीवास्तव, अपर जिला न्यायाधीश मिथिलेश कुमार द्विवेदी, अपर जिला न्यायाधीश रमण कुमार, सीजेएम वीरेंद्र कुमार समेत सभी न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.
    मधेपुरा के समाहरणालय के सभागार में भी जिला पदाधिकारी मो० सोहैल, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एसडीओ संजय कुमार निराला समेत कई अधिकारियों और कर्मियों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया.
    उधर जिले के विभिन्न स्कूलों से भी संविधान दिवस मनाये जाने के समाचार हैं. जिला मुख्यालय के हॉली क्रॉस स्कूल में भी प्राचार्या वंदना कुमारी के निर्देशन में संविधान की प्रस्तावना सभी शिक्षकों और छात्रों के द्वारा पढ़ी गई. मौके पर छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का अभी आयोजन कर सफल छात्र-छात्रों को पुरस्कृत किया गया.

जानें भारतीय संविधान की प्रस्तावना को: “हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की और एकता अखंडता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प हो कर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई० "मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हज़ार छह विक्रमी) को एतद संविधान को अंगीकृत, अधिनियिमत और आत्मार्पित करते हैं."

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