26 नवंबर 2016

योग गुरू स्वामी रामदेव ने बलि प्रथा को खत्म करने का किया आह्वान


सुपौल। भारतीय सीमा से सटे नेपाल प्रभाग में स्थित सखरा छिन्नमस्ता भगवती शक्ति पीठ के प्रांगण में शनिवार को योग गुरु स्वामी रामदेव जी महाराज एवं आचार्य श्री बाल कृष्ण महाराज का भव्य नागरिक अभिनन्द समारोह आयोजित किया गया.

 छिन्नमस्ता शक्ति पीठ लक्ष्य चंडी यज्ञ समिति सखरा द्वारा आयोजित इस समारोह में हजारों की संख्या में लोग उमड़े थे। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। स्वामी रामदेव को देखने के लिये लोगों में काफी उल्लास का माहौल व्याप्त था। उन्होंने मां छिन्नमस्ता भगवती शक्ति पीठ पहुंचकर पहले पूजा अर्चना की। फिर वे सखेश्वरी मां के प्रांगण में बने नागरिक अभिनन्दन मंच पर पहुंचे,जहां उनका  जोरदार स्वागत किया गया।
 समारोह को संबोधित करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि हम सब भगवान के संतान है। भगवान देवी-देवता प्रेम और प्यार के भूखे है। उन्होंने जानवरों की बलि को अनुचित बताते कहा कि वे लोग इस प्रांगण में प्रतिज्ञा करें कि बलि प्रदान नहीं करेंगे। जिस प्रकार बच्चे घायल होते हैं और बच्चे के चोट लगे स्थान से निकलते रक्त से बच्चे की मां काफी दुखी होती है और उसे बर्दाश्त नहीं करती है। ठीक उसी प्रकार सखरा मैया भी बलि प्रदान से खुश नहीं बल्कि दुखी होती है। उन्होंने बलि प्रदान की प्रथा को बिलकुल बंद करने पर जोर दिया।
              मंदिर के पीठाधीश महाकांत ठाकुर को मांस नहीं खाने और बलि प्रदान को बिलकुल बंद करने का शपथ दिलाया। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए योग को आधार बताया और कई योग अभ्यास भी उपस्थित लोगों से करवाया।
 स्वामी रामदेव ने सखरा में आयोजित यज्ञ में सहयोग राशि की मदद करने का आश्वासन भी दिया। 
समारोह को संबोधित करते आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि मंदिर के चारों ओर फूलों से सुसज्जित दुकानें मां के प्रांगण को शोभायमान कर रही है। यहां बकरे को काटना शोभा नहीं देता।उन्होंने भी बलि की प्रथा को अविलंब बंद करने का आह्वान किया। इस अवसर पर लक्ष्य चंडी यज्ञ कार्यकारिणी समिति के सदस्य  समेत आयोजन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में दूर-दराज से आये स्थानीय नागरिक मौजूद थे। 

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