05 अक्तूबर 2016

‘चलो कुछ भी एहसास तो हो जाए’: मधेपुरा में शराब की ताजा बोतल में बिक रहे शरबत


राज्य सरकार के  द्वारा बिहार में अप्रैल माह से पूर्ण शराब बंद की घोषणा के बाद राज्य में कहीं समर्थन तो कहीं विरोध के बाद पिछले दिनों 2 अक्टूबर को शराब के नए कानून को लागू कर दिया गया. सरकार के तरफ से प्रशासन की लाख कोशिशों और धरपकड़ के बाद भी शराब के अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है.  
     विश्वस्त सूत्रों की माने तो इस कारोबार में कई सफेदपोश भी जुड़े हुए हैं. कहने को तो कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, लेकिन सफेदपोश शराब माफियाओं तक कानून के हाथ नहीं पहुंच पाते हैं. जो भी हो,  आज हम आपको शराब से जुड़े नई स्टोरी दिखा रहे हैं, जो दर्शाता है कि शराब की पहुँच अभी भी दूरस्थ इलाकों तक है.
      ताज़ी तस्वीर में मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के कोल्हायपट्टी के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के सामने मेला परिसर में एक बच्चा शराब की ताजा बोतल में शरबत भरकर बेच रहा है. ध्यान देने की बात यह है कि शराब की बोतल में शरबत बेचने वाला बालक नाबालिग है. कहने का मतलब या तो बच्चा बाल मजदूरी कर रहा है या फिर परिवार का पेट चलाने में यह इस काम से मदद कर रहा है. मुरलीगंज  के कोल्हायपट्टी सार्वजनिक दुर्गा पूजा मेला में शराब की बोतल में खुलेआम शरबत बेचा जाना कहीं ना कहीं यह आभास दिलाती है कि मुरलीगंज थाना क्षेत्र में अब भी शराब का अवैध कारोबार फल फूल रहा है क्योंकि शराब की जो बोतल है वह बिल्कुल ताजी और नए लेवल के साथ है.
       जरूरत है शराबबंदी पर हर चीज से ऊपर उठाकर सबको साथ आने की. जो गलत है, उसे गलत ही कहा जाना चाहिए. जाहिर है, जबतक समाज में नशा के खिलाफ लोगों में एक जागरूकता नहीं आएगी, तबतक ऐसी तस्वीरें नजर आती रहेंगी.

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